Bihar News: बिहार में जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए शुरू किए गए जल जीवन हरियाली अभियान ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने बताया कि पिछले छह वर्षों में स्वीकृत 95 प्रतिशत योजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इससे लाखों किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने के साथ भूजल स्तर सुधारने में भी मदद मिली है।
2537 में से 2371 योजनाएं पूरी
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2019 में शुरू किए गए जल जीवन हरियाली अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 तक कुल 2537 योजनाओं को मंजूरी दी गई थी। इनमें से 2371 योजनाओं का काम पूरा हो चुका है।
इन योजनाओं के माध्यम से करीब 2.52 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित हुई है, जबकि 1094 लाख घन मीटर जल संचयन क्षमता का पुनर्स्थापन किया गया है।
154 नई योजनाओं का प्रस्ताव
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 206.39 करोड़ रुपये की लागत वाली 154 नई योजनाओं का प्रस्ताव नाबार्ड की स्वीकृति के लिए भेजा गया है। इनके पूरा होने पर लगभग 16,585 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी।
सरकार ने अभियान के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इसे वर्ष 2030 तक बढ़ाने का फैसला किया है।
हर खेत तक सिंचाई का पानी कार्यक्रम को भी मिली सफलता
‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ कार्यक्रम के तहत वर्ष 2025-26 तक कुल 2256 योजनाओं को मंजूरी मिली थी। इनमें से 1837 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
इन योजनाओं से 2.27 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का पुनर्स्थापन हुआ है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है।
35 हजार किसानों को मिला निजी नलकूप का लाभ
मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत राज्य के 35 हजार किसानों को अनुदान राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई है।
इस योजना के जरिए किसानों ने निजी नलकूप स्थापित किए हैं, जिससे लगभग 1.75 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई संभव हो रही है।
दक्षिण बिहार में पानी पहुंचाने पर फोकस
मंत्री ने बताया कि दक्षिण बिहार के उन इलाकों में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं जहां अक्सर सूखे जैसी स्थिति बनती है। आहर-पईन प्रणाली को पुनर्जीवित करने और अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान भी चलाया जा रहा है।
भागलपुर, औरंगाबाद, गया और नालंदा जिलों में चार चेक डैम और दो आहर-पईन निर्माण परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। लगभग 87 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं से 3730 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी।
5558 सरकारी नलकूप चालू
राज्य में वर्तमान में 5558 सरकारी नलकूप संचालित हैं। सरकार बंद पड़े नलकूपों को दोबारा चालू करने की दिशा में भी काम कर रही है ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सके।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत नए प्रस्ताव
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत 274.83 करोड़ रुपये की लागत वाली 105 योजनाओं का प्रस्ताव केंद्रीय जल आयोग को भेजा गया है।
इन योजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद लगभग 21,490 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित की जा सकेगी।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रयास
डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं इन योजनाओं की नियमित निगरानी कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना, कृषि उत्पादन को मजबूत करना और जल संरक्षण के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।
जल जीवन हरियाली अभियान और सिंचाई परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन से बिहार में कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
