UP News: लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ के समापन सत्र में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा, सुशासन, कानून व्यवस्था और आर्थिक प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से निकलकर देश की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है।
माफिया के कब्जे वाली जमीन पर बना आधुनिक संस्थान
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस की एक महत्वपूर्ण भूमि पर कुख्यात माफिया का कब्जा था। उन्होंने बताया कि जब फॉरेंसिक सुविधाओं के विस्तार की जरूरत महसूस हुई तो सरकार ने कार्रवाई करते हुए जमीन को मुक्त कराया।
सीएम योगी के अनुसार, आज उसी भूमि पर अत्याधुनिक स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट संचालित हो रहा है, जहां फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी और आधुनिक जांच तकनीकों से जुड़े प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
हर जिले में मोबाइल फॉरेंसिक वैन
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के तहत सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों में फॉरेंसिक साक्ष्य अनिवार्य किए गए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में मोबाइल फॉरेंसिक वैन की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि इससे अपराध जांच की गुणवत्ता और पारदर्शिता दोनों में सुधार होगा।
ब्रह्मोस मिसाइल से बढ़ेगी ताकत और राजस्व
मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में बन रही BrahMos Missile परियोजना उत्तर प्रदेश की सामरिक और औद्योगिक क्षमता को नई ऊंचाई देगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ब्रह्मोस परियोजना के लिए लगभग 200 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई है। अनुमान है कि प्रतिवर्ष करीब 150 ब्रह्मोस मिसाइलों के निर्माण से राज्य को लगभग 135 करोड़ रुपये जीएसटी राजस्व प्राप्त होगा।
डिफेंस कॉरिडोर में निवेश उम्मीद से अधिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, झांसी और चित्रकूट में रक्षा उत्पादन से जुड़े निवेश लगातार बढ़ रहे हैं।
जहां प्रारंभिक लक्ष्य 20 से 25 हजार करोड़ रुपये निवेश का था, वहीं अब तक 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।
यूपी अब पहचान के संकट से बाहर
सीएम योगी ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश को पिछड़े और बीमारू राज्यों में गिना जाता था, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
उन्होंने कहा कि राज्य अब देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और लगभग हर प्रमुख कल्याणकारी योजना के क्रियान्वयन में अग्रणी राज्यों में है।
एक्सप्रेसवे, सड़क और मेडिकल शिक्षा में बड़ी छलांग
मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। पिछले वर्षों में राज्य में लगभग चार लाख किलोमीटर सड़क नेटवर्क का विकास किया गया है।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों की संख्या 41 से बढ़कर 83 हो चुकी है और प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में कार्य जारी है।
नई पहचान बना रहे ODOP और मेडिकल कॉलेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नई पहचान अब वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ODOP), वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन और वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज जैसी योजनाओं से बन रही है।
इन पहलों ने स्थानीय उत्पादों, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा दी है।
मीडिया और कंटेंट क्रिएटर्स को दिया संदेश
मुख्यमंत्री ने मीडिया और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि समाचारों को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना मीडिया की जिम्मेदारी है और समाचार तथा व्यक्तिगत विचारों को अलग-अलग रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स केवल सूचना देने वाले नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने वाले ओपिनियन मेकर भी हैं।
‘सत्यमेव जयते’ का दिया संदेश
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्य के मार्ग पर चलना चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन अंततः जीत सत्य की ही होती है।
उन्होंने कहा कि यदि समाज का हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों को समझे और सकारात्मक योगदान दे, तो विकास और सुशासन के लक्ष्य आसानी से प्राप्त किए जा सकते हैं।
