Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से शनिवार को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच राज्य के विकास, केंद्र-राज्य समन्वय और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री का शाल और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया तथा सहयोगात्मक संघवाद की भावना को देश के विकास की मजबूत आधारशिला बताया।
केंद्र और राज्य के बेहतर तालमेल पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और निरंतर संवाद की संस्कृति विकसित हुई है। इसका सकारात्मक प्रभाव विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि इसी बेहतर तालमेल के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है।
विकास को मिल रही नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की मजबूत साझेदारी से अधोसंरचना विकास, उद्योग, रोजगार सृजन, कौशल विकास और जनसेवा जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विभिन्न विकास परियोजनाओं को गति मिलने से प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा मिली है।
विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य पर चर्चा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य के बीच लगातार सहयोग और समन्वय से विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास, निवेश, रोजगार और जनकल्याण के क्षेत्रों में तेजी से कार्य कर रही है, जिससे आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी रहे मौजूद
इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान विभिन्न समसामयिक विषयों और विकास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्र और राज्य के बीच मजबूत समन्वय से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में कई नई विकास परियोजनाओं को गति मिल सकती है।
सहयोगात्मक संघवाद का उदाहरण
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री की यह मुलाकात सहयोगात्मक संघवाद की उस भावना को दर्शाती है, जिसमें केंद्र और राज्य मिलकर विकास और जनकल्याण के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
सरकार का मानना है कि इसी मॉडल के जरिए प्रदेश में निवेश, रोजगार और आधारभूत ढांचे के विकास को नई ऊर्जा मिलेगी।
