UP News: लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की शुरुआत के साथ उत्तर प्रदेश को मौसम संबंधी जानकारी और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में बड़ी मजबूती मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ बटन दबाकर इस केंद्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिसका लाभ अब सीधे किसानों और आम नागरिकों तक पहुंच रहा है।
किसानों के लिए अहम साबित होगा नया केंद्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा आबादी वाला राज्य है और देश के खाद्यान्न उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देता है। राज्य के पास केवल 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि होने के बावजूद यह देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन का लगभग 21 प्रतिशत हिस्सा देता है। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर बारिश, अतिवृष्टि, अनावृष्टि, ओलावृष्टि और अन्य मौसम संबंधी घटनाओं की सटीक जानकारी मिलना बेहद जरूरी है। नया क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मौसम पूर्वानुमान में आया बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले मौसम की जानकारी अक्सर सटीक नहीं होती थी, लेकिन पिछले वर्षों में तकनीक के विकास और मौसम विज्ञान विभाग के प्रयासों से स्थिति में बड़ा सुधार आया है। अब लोगों को समय रहते मौसम की सही जानकारी मिल रही है, जिससे जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिल रही है।
अर्ली वार्निंग सिस्टम से बच रही हैं जानें
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश में अर्ली वार्निंग सिस्टम का सकारात्मक असर देखने को मिला है। आंधी, तूफान, भारी बारिश और आकाशीय बिजली जैसी घटनाओं से पहले लोगों के मोबाइल पर अलर्ट भेजे जा रहे हैं। उन्होंने सहारनपुर की एक घटना का उदाहरण देते हुए बताया कि समय पर चेतावनी मिलने से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और संभावित नुकसान टल गया।
यूपी चाहता है अपना मौसम उपग्रह
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि उत्तर प्रदेश के पास अपना विशेष मौसम उपग्रह (सैटेलाइट) हो, जिससे मौसम की और अधिक सटीक जानकारी प्राप्त की जा सके। इसके लिए इसरो से भी चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में इस दिशा में कोई केंद्र स्थापित किया जाता है तो राज्य सरकार हर संभव सहयोग करेगी।

आधुनिक तकनीक से मजबूत हो रहा मौसम तंत्र
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और 2000 ऑटोमेटिक रेनगेज स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा आजमगढ़, वाराणसी, अलीगढ़, झांसी और लखनऊ में एक्स-बैंड डॉप्लर वेदर रडार लगाए जा रहे हैं। आकाशीय बिजली की पहचान के लिए विशेष सेंसर भी लगाए गए हैं, जिससे लोगों को पहले से चेतावनी मिल सके।
विकसित भारत के लक्ष्य में निभाएगा अहम भूमिका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम चक्र में बदलाव आ रहा है और इससे कृषि उत्पादन पर असर पड़ सकता है। ऐसे समय में वैज्ञानिक और सटीक मौसम जानकारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि आपदाओं से होने वाले नुकसान को भी कम करेगा। यह केंद्र उत्तर प्रदेश के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को वैज्ञानिक आधार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
