Punjab News: पंजाब सरकार राज्य को नशा मुक्त बनाने के अपने अभियान को लगातार आगे बढ़ा रही है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर के नेतृत्व में नशे के खिलाफ चल रहे प्रयासों को नई मजबूती देने के लिए वर्ष 2026-27 के लिए 42.95 करोड़ रुपये की कार्ययोजना प्रस्तावित की गई है। इस योजना का उद्देश्य नशे की समस्या को जड़ से खत्म करना, लोगों में जागरूकता बढ़ाना और प्रभावित व्यक्तियों को पुनर्वास की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
सरकार का मानना है कि नशे की समस्या केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा भी है। इसलिए इसके समाधान के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई जा रही है।
जागरूकता और रोकथाम पर रहेगा विशेष जोर
प्रस्तावित कार्ययोजना के तहत गांवों, शहरों, स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि समाज के हर वर्ग तक यह संदेश पहुंचे कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए नुकसानदायक है। जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
पुनर्वास और उपचार सुविधाओं का विस्तार
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि नशे की लत से प्रभावित लोगों को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए पुनर्वास सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा। नशा मुक्ति केंद्रों की क्षमता बढ़ाने, काउंसलिंग सेवाओं को बेहतर बनाने और प्रभावित लोगों को रोजगार व कौशल विकास से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि केवल नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रभावित व्यक्तियों को समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के अवसर भी उपलब्ध कराना जरूरी है।
विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर जोर
कार्ययोजना में विभिन्न सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष बल दिया गया है। नशे के खिलाफ अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के लिए सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है।
सरकार चाहती है कि प्रत्येक गांव, वार्ड और स्थानीय समुदाय इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाए और नशा मुक्त समाज के निर्माण में योगदान दे।
नशा मुक्त पंजाब के लक्ष्य की ओर बढ़ता राज्य
पंजाब सरकार का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई लगातार जारी रहेगी और इसके लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित 42.95 करोड़ रुपये की कार्ययोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
डॉ. बलजीत कौर के नेतृत्व में चल रहे प्रयासों से न केवल नशे की रोकथाम को मजबूती मिलेगी, बल्कि जागरूकता, उपचार और पुनर्वास की सुविधाओं का भी विस्तार होगा। सरकार को उम्मीद है कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य को और तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
