Chhattisgarh News: रायपुर, 7 जून। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन का एक सफल मॉडल बनकर उभर रहा है। जिले में मनरेगा और जनभागीदारी के माध्यम से कई नवाचार आधारित जल संरक्षण कार्य किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से न केवल वर्षा जल का बेहतर संचयन हो रहा है, बल्कि भू-जल स्तर में सुधार और ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती मिल रही है।

सोक पिट और ट्रेंच से बढ़ रहा जल संचयन
जशपुर जिले में वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में संरक्षित करने के लिए घरों, सरकारी भवनों और सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी संख्या में सोक पिट बनाए जा रहे हैं। इन संरचनाओं के माध्यम से उपयोग किए गए पानी का पुनर्भरण संभव हो रहा है। साथ ही जलभराव की समस्या में भी कमी आ रही है।
जिले के पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच और कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया जा रहा है। ये संरचनाएं वर्षा के पानी के तेज बहाव को रोकने, मिट्टी के कटाव को कम करने और पानी को जमीन के भीतर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इससे भू-जल स्तर बढ़ रहा है और पर्यावरणीय संतुलन भी मजबूत हो रहा है।
आजीविका डबरी से किसानों को मिलेगा लाभ
जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले में वर्तमान समय में 495 आजीविका डबरियों का निर्माण कार्य चल रहा है। इन डबरियों में वर्षा जल संग्रहित किया जाएगा, जिससे किसानों को रबी और ग्रीष्मकालीन फसलों की सिंचाई में सहायता मिलेगी।
इसके अलावा इन जल संरचनाओं के जरिए सब्जी उत्पादन, मत्स्य पालन और अन्य आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
‘नवा तरिया’ अभियान दे रहा बेहतर परिणाम
जशपुर में ‘नवा तरिया’ अभियान भी काफी सफल साबित हो रहा है। इस अभियान के तहत नए तालाब बनाए जा रहे हैं और पुराने जलाशयों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इससे जल भंडारण क्षमता में बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा लाभ कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों को मिल रहा है।
5 प्रतिशत मॉडल से जल सुरक्षा पर फोकस
जिले में 5 प्रतिशत मॉडल को भी प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इसके तहत हर गांव के कुल भौगोलिक क्षेत्र के कम से कम 5 प्रतिशत हिस्से को जल संरक्षण संरचनाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इस पहल से वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण को नई गति मिल रही है।

जनभागीदारी से बन रहा मजबूत अभियान
जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा है कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि जनभागीदारी से चलने वाला जन आंदोलन है। उन्होंने सभी विभागों और ग्रामीण समुदायों से मिलकर काम करने पर जोर दिया। जशपुर में चल रहे ये नवाचार आधारित प्रयास जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। साथ ही ये कृषि उत्पादन बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं।
