Delhi News: दिल्ली में बढ़ती गर्मी और यमुना नदी के घटते जलस्तर के बीच पानी का संकट गहराता जा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने जल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की और राजधानी में पानी की उपलब्धता को लेकर चर्चा की। इस दौरान हरियाणा सरकार ने दिल्ली को मुनक नहर के जरिए प्रतिदिन कम से कम 1000 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
हरियाणा सरकार ने दिया अतिरिक्त पानी का भरोसा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से बातचीत की थी। इसके बाद हरियाणा सरकार ने दिल्ली को मुनक नहर के माध्यम से न्यूनतम 1000 क्यूसेक पानी देने का आश्वासन दिया। हाल के दिनों में दिल्ली को इस नहर से लगभग 900 से 924 क्यूसेक पानी मिल रहा था। अब अतिरिक्त पानी मिलने से राजधानी के कई इलाकों में राहत मिलने की उम्मीद है।
यमुना का जलस्तर गिरने से बढ़ी परेशानी
दिल्ली में पानी की कमी की बड़ी वजह यमुना नदी का लगातार गिरता जलस्तर है। अधिकारियों के अनुसार वजीराबाद बैराज में पानी का स्तर सामान्य 674.5 फीट से घटकर करीब 668 फीट तक पहुंच गया है। इसके कारण जल शोधन संयंत्रों तक पर्याप्त कच्चा पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसका सीधा असर दिल्ली की जल उत्पादन क्षमता पर पड़ा है और उत्पादन में करीब 80 से 100 मिलियन गैलन प्रतिदिन की कमी दर्ज की गई है।
दिल्ली जल बोर्ड का उत्पादन हुआ प्रभावित
दिल्ली जल बोर्ड का लक्ष्य इस वर्ष लगभग 1002 मिलियन गैलन प्रतिदिन पानी उत्पादन का है, लेकिन वर्तमान हालात में उत्पादन करीब 90 मिलियन गैलन प्रतिदिन तक कम हो गया है। दिल्ली अपनी जल जरूरतों के लिए काफी हद तक हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों पर निर्भर है। गर्मियों में राजधानी की पानी की मांग 1250 से 1380 मिलियन गैलन प्रतिदिन तक पहुंच जाती है, जिससे संकट और बढ़ जाता है।
980 से ज्यादा टैंकरों के जरिए पहुंचाया जा रहा पानी
लोगों को तत्काल राहत देने के लिए दिल्ली सरकार ने 980 से अधिक पानी के टैंकर तैनात किए हैं। ये टैंकर प्रतिदिन 6000 से ज्यादा चक्कर लगाकर प्रभावित क्षेत्रों में पानी पहुंचा रहे हैं। संकरी गलियों और घनी आबादी वाले इलाकों के लिए छोटे टैंकरों की भी व्यवस्था की गई है ताकि हर जरूरतमंद तक पानी पहुंच सके।
जल संरक्षण और नई योजनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को पानी की बर्बादी और लीकेज रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पानी की हर बूंद कीमती है और उसका सही उपयोग होना चाहिए। सरकार यमुना खादर क्षेत्र में नए बोरवेल लगाकर जल उत्पादन क्षमता बढ़ा रही है। इसके अलावा IIT रुड़की द्वारा हरियाणा से पाइपलाइन के जरिए पानी लाने की संभावनाओं का अध्ययन भी किया जा रहा है।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर भी सरकार का फोकस
दिल्ली सरकार लंबे समय के समाधान पर भी काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 75 सीएम श्री स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही 500 नए रेन वाटर हार्वेस्टिंग ढांचे बनाए जा रहे हैं और 1000 पुराने ढांचों को फिर से सक्रिय करने का काम शुरू कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि जल संरक्षण के ऐसे प्रयास भविष्य में पानी की कमी को कम करने में मदद करेंगे।
