Chhattisgarh News: रायगढ़ जिले के छोटे से गांव संबलपुरी के रहने वाले अजय गुप्ता ने भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होकर पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। साधारण परिवार से आने वाले अजय का सफर संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास की मिसाल बन गया है। बचपन में जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रह कर परिवार की मदद करने वाले अजय आज भारतीय वन सेवा अधिकारी बनने जा रहे हैं। उनकी इस सफलता पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया प्रेरणा का स्रोत
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से अजय गुप्ता ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अजय ने केवल अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और वनांचल समाज का सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद प्रेरणादायक है कि जंगलों में मेहनत करने वाला एक युवा अब उन्हीं जंगलों के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अजय की सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती। यदि सही अवसर और मजबूत संकल्प हो, तो दूरदराज गांवों के युवा भी देश की सबसे बड़ी सेवाओं में अपनी जगह बना सकते हैं।
आर्थिक कठिनाइयों के बीच जारी रखी पढ़ाई
अजय गुप्ता का बचपन जंगलों और खेती-किसानी के माहौल में बीता। छुट्टियों के दौरान वे अपने माता-पिता के साथ जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता और महुआ इकट्ठा करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, लेकिन उन्होंने पढ़ाई को कभी नहीं छोड़ा।
अजय ने 10वीं में 92.66 प्रतिशत और 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक हासिल किए। उनकी मेहनत और प्रतिभा के आधार पर उन्हें एनआईटी रायपुर में प्रवेश मिला। वहां पढ़ाई के दौरान उन्हें तीन साल तक छात्रवृत्ति का लाभ भी मिला, जिससे उनकी पढ़ाई आसान हुई।
छात्रवृत्ति योजनाओं ने दिया सहारा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की ‘लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति’ और ‘पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति’ जैसी योजनाओं ने अजय जैसे युवाओं के सपनों को उड़ान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है।
अजय ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी रखी और भारतीय वन सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 91वीं रैंक हासिल की। यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात मानी जा रही है।
जंगलों से जुड़ाव ने दिखाई नई राह
अजय गुप्ता ने बताया कि उनका शुरुआती जीवन गांव और जंगलों तक सीमित था। लेकिन उच्च शिक्षा और नए अनुभवों ने उनकी सोच को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि जंगल हमेशा से उनके जीवन का हिस्सा रहे हैं और प्रकृति से जुड़ाव ने ही उन्हें वन सेवा में जाने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि जंगलों ने उन्हें केवल आजीविका ही नहीं दी, बल्कि जीवन का उद्देश्य भी दिया। अब वे वन सेवा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और समाज की सेवा करना चाहते हैं।
युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अजय गुप्ता की सफलता प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि मेहनत, सही मार्गदर्शन और शासन के सहयोग से गांवों और वनांचल क्षेत्रों के युवा भी देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंच सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि अजय जैसे युवा आने वाली पीढ़ियों को संघर्ष और आत्मविश्वास का संदेश देंगे तथा छत्तीसगढ़ के युवाओं को नई दिशा और नई उम्मीद प्रदान करेंगे।
