Greater Noida West: Even after buying a flat worth lakhs, there is a hell-like situation regarding electricity...children and the elderly are all worried!

Greater Noida West: लाखों का फ्लैट खरीदने पर भी संस्कृति अपार्टमेंट में नरक जैसी स्थिति !

ग्रेटर नोएडा- वेस्ट दिल्ली NCR
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Greater Noida West: बड़ी ख़बर ग्रेटर नोएडा वेस्ट(Greater Noida West) की सोसायटी अर्थकॉन संस्कृति(Earthcon Sanskriti) से आ रही है। जहां रेजिडेंट्स की की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। आरोपों के मुताबिक संस्कृति अपार्टमेंट की मेंटेनेंस टीम और Resolution Professional (RP) के गैर-जिम्मेदाराना और अमानवीय रवैये के कारण पिछले 3-4 दिनों से पूरी सोसाइटी के निवासी नरक जैसी स्थिति में रहने को मजबूर हैं।

क्या है पूरा मामला ?

स्थानीय लोगों के मुताबिक 20 मईको मेंटेनेंस इंचार्ज सुशील गुप्ता और टीम ने तथाकथित ‘टेस्टिंग’ के नाम पर DG का लोड घटाकर 1 KVA कर दिया, जिससे पूरे दिन बिजली बाधित रही। रात में ट्रांसफार्मर खराब होने का बहाना बनाया गया। बिजली की आँख-मिचौनी के कारण अगली सुबह स्कूली बच्चों को लिफ्ट बंद होने की वजह से सीढ़ियों से उतरकर नीचे आना पड़ा।

21 मई: पूरे दिन और पूरी रात बिजली का भयंकर कट रहा। न तो बैकअप के लिए DG लोड ले पा रहा था और न ही मुख्य बिजली की कोई खबर थी। रात 1 बजे जैसे-तैसे DG चला, लेकिन सुबह 5 बजे उसे फिर बंद कर दिया गया। तपती गर्मी के इस मौसम में बच्चे और बुजुर्ग पूरी रात तड़पते रहे। सोसाइटी में एक ऐसी महिला मरीज भी हैं जो पूरी तरह बेड रेस्ट पर हैं, इस 48 घंटे के टॉर्चर और मेंटेनेंस की अनप्रोफेशनल हरकतों के कारण उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद प्रताड़ित होना पड़ा।

RP गौरव कटियार का शर्मनाक और गैर-जिम्मेदाराना बयान!

जब इस गंभीर संकट को लेकर आरपी (RP) गौरव कटियार को फोन मिलाया गया, तो मदद और समाधान देने के बजाय उन्होंने बेहद गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक उन्होंने कहा

आप सभी लोग एक इलीगल पजेशन (Illegal Possession) वाली जगह पर रह रहे हो, सो यह सब तो होगा ही…”

ऐसे में सोसायटी के लोगों का पूछना है कि अगर यह जगह इलीगल पजेशन में है, तो मेंटेनेंस के नाम पर निवासियों से मोटी रकम क्यों वसूली जा रही है? क्या बुनियादी सुविधाएं (बिजली-पानी-लिफ्ट) पाना निवासियों का कानूनी हक नहीं है?

स्थानीय निवासियों का मानना है कि सुशील गुप्ता (मेंटेनेंस इंचार्ज) और पूरी टीम इस गंभीर लापरवाही और मिसमैनेजमेंट पर लिखित में स्पष्टीकरण दे। यही नहीं गौरव कटियार (RP) अपने इस संवेदनहीन और अपमानजनक बयान के लिए निवासियों से माफी मांगें और सोसाइटी की कानूनी स्थिति स्पष्ट करें।

यही नहीं जब बात आगे बढ़ी तो पुलिस को मामले में दखल देना पड़ा। नतीजा ये रहा कि मेंटेनेंस इंचार्ज सुशील गुप्ता ने 4-5 दिनों में 1000 KVA का नया ट्रांसफार्मर लगाने का वादा किया। ऐसा होने से स्थानीय लोगों को बिजली संकट से छुटकारा मिलनी की उम्मीद है।