Jharkhand News: झारखंड में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना पर काम तेज होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस परियोजना की प्रगति पर खुद नजर रखने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार यह एयरपोर्ट पूर्वी सिंहभूम जिले के धालभूमगढ़ क्षेत्र में बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके बनने से जमशेदपुर और कोल्हान क्षेत्र को बेहतर हवाई सुविधा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि परियोजना से जुड़े मुद्दों पर सरकार गंभीर है और जल्द इसमें ठोस प्रगति देखने को मिल सकती है।
लंबे समय से लंबित है परियोजना
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना कई वर्षों से चर्चा में है। यह परियोजना लंबे समय से विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से आगे नहीं बढ़ पा रही थी।
हाल ही में उद्योग और व्यापार से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस परियोजना को जल्द शुरू करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि एयरपोर्ट बनने से क्षेत्र के आर्थिक विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है और इसकी प्रगति पर स्वयं नजर रखी जा रही है।
जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों को मिलेगा फायदा
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट बनने से सबसे अधिक लाभ जमशेदपुर और आसपास के जिलों को मिलेगा।
जमशेदपुर एक प्रमुख औद्योगिक शहर है, लेकिन यहां अभी तक सीधी हवाई सेवा उपलब्ध नहीं है। एयरपोर्ट बनने के बाद उद्योग, व्यापार और पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई सीमावर्ती जिलों को भी इस एयरपोर्ट से लाभ मिल सकता है। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लोगों को यात्रा में सुविधा मिलेगी।
औद्योगिक और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट बनने से कोल्हान क्षेत्र के औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से निवेश बढ़ेगा और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
इसके अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को भी इससे फायदा मिलेगा, क्योंकि बाहरी राज्यों और शहरों से आने-जाने में आसानी होगी।
पुरानी एयरस्ट्रिप पर विकसित हो सकता है एयरपोर्ट
धालभूमगढ़ में पहले से मौजूद एक पुरानी एयरस्ट्रिप को विकसित कर एयरपोर्ट बनाने की योजना है। यह स्थान जमशेदपुर से लगभग 60 किलोमीटर दूर है।
झारखंड सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच इस परियोजना को लेकर पहले भी समझौता किया जा चुका है। योजना के तहत यहां आधुनिक सुविधाओं वाला एयरपोर्ट विकसित किया जाएगा।
क्षेत्र के विकास की नई उम्मीद
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को कोल्हान क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण विकास प्रोजेक्ट माना जा रहा है। स्थानीय लोग और व्यापारी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे हैं।
अगर यह परियोजना जल्द शुरू होती है, तो इससे झारखंड के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिल सकती है। साथ ही क्षेत्र के लोगों को बेहतर यात्रा सुविधा और नई संभावनाएं भी मिलेंगी।
