Greater Noida- Noida के स्कूलों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, जानिए क्या है मामला
Greater Noida: उत्तर प्रदेश के नोएडा-ग्रेटर नोएडा (Noida-Greater Noida) के 66 स्कूलों पर बड़ी कार्यवाही हुई है। नए सत्र से स्कूलों की फीस बढ़ोत्तरी (Fee Hike) को लेकर प्रशासन ने बड़ा हंटर चलाया है। आपको बता दें कि गौतमबुद्ध नगर (Gautam Buddha Nagar) जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट (Collectorate) में हुई। इस बैठक में जिले के कुल 144 विद्यालयों द्वारा इस साल की गई फीस वृद्धि का विवरण पेश किया गया, जिसमें तीन विद्यालय अमर पब्लिक स्कूल सेक्टर-37 नोएडा, मिल्क लिच्छी एवं संत किशोरी विद्या मंन्दिर सेक्टर-158, पारस पब्लिक स्कूल नोएडा द्वारा फीस में अनुमन्य वृद्धि 5 प्रतिशत और सीपीआई से अतिरिक्त फीस की वसूली की गई है।
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इसको लेकर 3 विद्यालय प्रबंधन को नोटिस (Notice) भेजकर एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया कि उनके द्वारा अनुमन्य फीस से अतिरिक्त फीस क्यों ली गयी। बाकी 66 विद्यालयों जिनके द्वारा इस साल फीस वृद्धि का कोई विवरण जिला शुल्क नियामक समिति के सामने पेश नहीं किया गया है, उन विद्यालयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये का अर्थदंड उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (Fee Regulation) अधिनियम, 2018 के सुसंगत धाराओं के प्रविधानों के तहत अधिरोपित करने का फैसला लिया गया है। साथ ही विद्यालय संचालकों को कारण बताओ नोटिस निर्गत कर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह के मुताबिक जिले के सभी विद्यालय के शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को साल 2024-25 के सापेक्ष वर्ष 2025-26 में कितनी वेतन वृद्धि की गई है। इसका विवरण एक सप्ताह में कार्यालय सचिव, जिला शुल्क नियामक समिति के सामने पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला शुल्क नियामक समिति द्वारा यह भी निर्देश दिये गये है कि जो भी शुल्क वृद्धि (Fee Hike) की जाए उसको 60 दिन पहले वेबसाइड पर जरूर अपलोड करें। समिति ने निर्णय लिया है कि तहसील स्तर पर सिटी मजिस्ट्रेट, उपजिलाधिकारीव तहसीलदार की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की टीम गठित कर निरीक्षण होगा। यह भी सुनिश्चित कराया जाये किसी भी विद्यालय के द्वारा जूते, मौजे और ड्रेस आदि पेरेंट्स को खरीदने हेतु बाध्य न किया जाए।
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ऐसे विद्यालय जिनके खिलाफ शिकायतें मिलती हैं, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा विद्यालय की जांच होगी। दोषी पाये जाने पर तुरंत कार्रवाई प्रस्तावित करें। उक्त के लिए स्कूलों की जांच के लिए सिटी मजिस्ट्रेट नोएडा, उपजिलाधिकारी दादरी, उपजिलाधिकारी जेवर, उपजिलाधिकारी सदर, तहसीलदार दादरी, तहसीलदार सदर और डिप्टी कलेक्टर वेद प्रकाश पाण्डेय की अध्यक्षता में 7 जांच समितियों का गठन हुआ है, जो अपने-अपने क्षेत्र में विद्यालयों की जांच कर यह सुनिश्चित करेंगें कि किसी भी विद्यालय में छात्र और अभिभावक को ड्रेस, किताबें, जूते, मौजे आदि के क्रय के लिए बाध्य तो नहीं किया जा रहा है।
