Uttarakhand News: उत्तराखंड में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने की तैयारी, सीएम धामी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सामने रखे कई प्रस्ताव

उत्तराखंड
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Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर राज्य में रेल नेटवर्क के विस्तार, रेल सुविधाओं को बेहतर बनाने और महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को जल्द पूरा करने से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों, धार्मिक और पर्यटन महत्व के साथ यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए केंद्रीय रेल मंत्री के सामने कई प्रस्ताव रखे। रेल मंत्री ने इन प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए रेल नेटवर्क विस्तार की जरूरत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक दृष्टि से देश के प्रमुख राज्यों में शामिल है।

चारधाम यात्रा, हरिद्वार और ऋषिकेश के धार्मिक स्थलों, योग और आध्यात्मिक पर्यटन के साथ आगामी कुंभ-2027 को देखते हुए हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक उत्तराखंड पहुंचते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य में आधुनिक, मजबूत और सुविधाजनक रेल नेटवर्क का विस्तार जरूरी है।

मुंबई-देहरादून वंदे भारत या सुपरफास्ट ट्रेन शुरू करने की मांग

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रेल मंत्री को बताया कि मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में बड़ी संख्या में उत्तराखंड मूल के लोग रहते हैं, जिनका अपने गृह राज्य आना-जाना लगा रहता है।

इसके अलावा चारधाम, बाबा नीम करौली धाम यानी कैंची धाम, जागेश्वर धाम और अन्य धार्मिक स्थलों पर पूरे साल श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है।

वर्तमान में मुंबई से हरिद्वार और रामनगर के लिए उपलब्ध रेल सेवाओं की संख्या यात्रियों की जरूरत के अनुसार पर्याप्त नहीं है।

यात्रा सीजन, त्योहारों और छुट्टियों के दौरान यात्रियों को ट्रेन टिकट और आरक्षण मिलने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने मुंबई और देहरादून के बीच वंदे भारत या सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने की मांग की।

मुंबई-हरिद्वार और मुंबई-रामनगर ट्रेनों की बढ़े आवृत्ति

मुख्यमंत्री ने मुंबई-हरिद्वार और मुंबई-रामनगर के बीच चलने वाली रेल सेवाओं की आवृत्ति बढ़ाने का भी अनुरोध किया।

उन्होंने रामनगर-मुंबई और हरिद्वार-मुंबई रेल सेवाओं को नियमित रूप से या सप्ताह में कम से कम तीन दिन चलाने की मांग की।

इसके अलावा देहरादून-कोटा रेल सेवा को सूरत, वडोदरा और मुंबई तक विस्तार देने का प्रस्ताव भी केंद्रीय रेल मंत्री के सामने रखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन रेल सेवाओं के विस्तार से यात्रियों, प्रवासी उत्तराखंडवासियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही राज्य में पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

ऋषिकेश का पुराना रेलवे स्टेशन बंद करने का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन को बंद कर उसकी भूमि उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB), उत्तराखंड सरकार और रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) के बीच एसेट मॉनेटाइजेशन और ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर की मास्टर प्लानिंग के तहत प्रस्तावित परियोजना पर काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस संबंध में RLDA को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की।

किच्छा-सितारगंज-खटीमा नई रेल लाइन का मुद्दा उठाया

मुख्यमंत्री ने किच्छा-सितारगंज-खटीमा नई रेल लाइन परियोजना का मुद्दा भी केंद्रीय रेल मंत्री के सामने रखा।

उन्होंने परियोजना की पूरी लागत केंद्र सरकार द्वारा वहन किए जाने और सर्वेक्षण कार्य से जुड़ी स्थानीय किसानों की चिंताओं का समाधान करने का अनुरोध किया।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना जल्द शुरू करने की मांग

मुख्यमंत्री ने महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत जल्द से जल्द रेल संचालन शुरू करने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रियों के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

बनबसा रेलवे स्टेशन पर तीन ट्रेनों के ठहराव को सैद्धांतिक मंजूरी

मुख्यमंत्री ने टनकपुर से संचालित त्रिवेणी एक्सप्रेस, मथुरा एक्सप्रेस और दौराई एक्सप्रेस का बनबसा रेलवे स्टेशन पर कुछ समय के लिए ठहराव करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि बनबसा भारत-नेपाल सीमा से लगा व्यापारिक और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां भारतीय सेना की राजपूत रेजिमेंट की यूनिट भी स्थित है।

बनबसा स्टेशन पर इन ट्रेनों के ठहराव से स्थानीय नागरिकों, यात्रियों और सेना के जवानों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केंद्रीय रेल मंत्री ने बनबसा रेलवे स्टेशन पर इन रेल सेवाओं के ठहराव को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की।

रायवाला-देहरादून रेल लाइन दोहरीकरण जल्द पूरा करने की मांग

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण के तहत रायवाला से देहरादून तक लंबित कार्य को जल्द पूरा करने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से देहरादून और हरिद्वार के बीच रेल यातायात बेहतर होगा और यात्रियों को अधिक रेल सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

आठ रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण और विस्तार का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार, हर्रावाला, देहरादून, खटीमा, लक्सर, रुड़की, टनकपुर और बनबसा रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण और विस्तार का प्रस्ताव भी केंद्रीय रेल मंत्री के सामने रखा।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन प्रस्तावों पर सकारात्मक सहमति जताई।

रेलवे फाटक संख्या-18C को दोबारा खोलने की मांग

मुख्यमंत्री ने खटीमा-मझोला पीलीभीत के बीच रेलवे फाटक संख्या-18C को जनहित में दोबारा खोलने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि रेलवे फाटक बंद होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और पर्यटकों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा संचालित क्रोकोडाइल पार्क में आने वाले पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए रेलवे फाटक को दोबारा खोलना जरूरी है।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रस्तुत सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।