UP News: पिछले नौ वर्षों में Uttar Pradesh ने पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। राज्य ने न केवल पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हासिल की है, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन को नई पहचान भी दी है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में लागू की गई पर्यटन नीति-2022 और ‘टेंपल एंड फेस्टिवल इकॉनमी’ मॉडल ने प्रदेश को वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है।
बेहतर कानून व्यवस्था, आधुनिक परिवहन सुविधाएं, नए एयरपोर्ट, एक्सप्रेस-वे और पर्यटन स्थलों के विकास ने प्रदेश में पर्यटन को नई गति दी है।
पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि, यूपी बना देश का शीर्ष पर्यटन राज्य
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में लगभग 23.75 करोड़ पर्यटक आए थे, जो 2019 में बढ़कर 54.06 करोड़ हो गए। कोविड महामारी के दौरान कुछ गिरावट जरूर आई, लेकिन पर्यटन नीति-2022 के प्रभावी क्रियान्वयन के बाद तेज रिकवरी हुई।
वर्ष 2024 में 64.91 करोड़ पर्यटकों के साथ उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक घरेलू पर्यटकों वाला राज्य बन गया, जबकि विदेशी पर्यटकों के मामले में चौथे स्थान पर रहा। वहीं, Mahakumbh 2025 के आयोजन से वर्ष 2025 में पर्यटकों की संख्या बढ़कर 156.18 करोड़ तक पहुंच गई, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।
पर्यटन क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर
उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 ने राज्य की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस नीति के तहत होटल, होमस्टे, ईको-टूरिज्म, वेलनेस और एडवेंचर टूरिज्म जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया है।
अब तक लगभग ₹36,681 करोड़ के निवेश लक्ष्य को हासिल किया जा चुका है और 1,684 से अधिक पर्यटन इकाइयों को पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इससे राज्य में 5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं, जिनमें महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी है।
धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को मिला नया आयाम
प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को मजबूत करने के लिए कई तीर्थ क्षेत्रों का विकास किया गया है। इसमें विशेष रूप से:
- Ayodhya
- Varanasi
- Mathura
- Prayagraj
जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
प्रदेश में रामायण, कृष्ण, बौद्ध, जैन और सूफी सर्किट सहित 12 से अधिक टूरिस्ट सर्किट तैयार किए गए हैं और 83 धार्मिक मार्गों का चौड़ीकरण व विकास किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं की यात्रा पहले से अधिक सुगम हुई है।
इको-टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन को भी मिला बढ़ावा
राज्य में पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को साथ-साथ बढ़ाने के लिए अगस्त 2022 में यूपी इको-टूरिज्म बोर्ड का गठन किया गया। इसके तहत कई प्रमुख प्राकृतिक क्षेत्रों में नई सुविधाएं विकसित की गई हैं, जैसे:
- Dudhwa National Park
- Katarniaghat Wildlife Sanctuary
- Pilibhit Tiger Reserve
राज्य में 49 इको-टूरिज्म परियोजनाएं शुरू की गई हैं और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 234 गांवों का चयन किया गया है।
‘टेंपल एंड फेस्टिवल इकॉनमी’ मॉडल बना पर्यटन विकास का आधार
उत्तर प्रदेश में ‘टेंपल एंड फेस्टिवल इकॉनमी’ मॉडल पर्यटन विकास का एक प्रमुख आधार बनकर उभरा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण Ram Mandir Ayodhya में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा और उससे जुड़े पर्यटन में हुई तेजी है।
इसके अलावा:
- Deepotsav Ayodhya
- Dev Deepawali Varanasi
- Braj Holi
जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों ने भी देश-विदेश से लाखों पर्यटकों को आकर्षित किया है।
वैश्विक स्पिरिचुअल टूरिज्म हब बनने की दिशा में बढ़ता उत्तर प्रदेश
पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने पर्यटन क्षेत्र में तेजी से विकास करते हुए देश में अपनी अलग पहचान बनाई है। बेहतर बुनियादी ढांचा, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों के विस्तार ने राज्य को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बना दिया है।
आने वाले वर्षों में भी पर्यटन नीति-2022 और ‘टेंपल एंड फेस्टिवल इकॉनमी’ मॉडल के जरिए उत्तर प्रदेश के वैश्विक स्पिरिचुअल टूरिज्म हब बनने की संभावनाएं और मजबूत होती दिखाई दे रही हैं।
