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UP News: यूपी में बढ़ेगा GST राजस्व, ईमानदार व्यापारियों को मिलेगी सुविधा और सम्मान: मुख्यमंत्री योगी

उत्तरप्रदेश
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UP News: Yogi Adityanath ने राज्य कर विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ ईमानदार व्यापारियों को बेहतर सुविधा, सम्मान और त्वरित समाधान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में राज्य कर विभाग की बड़ी भूमिका है और विभाग को “विश्वास आधारित प्रशासन” का मॉडल तैयार करना होगा।

लखनऊ में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने शासन, मुख्यालय और फील्ड स्तर के अधिकारियों के साथ सीधे संवाद कर हर जोन के प्रदर्शन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कर प्रणाली को अधिक सरल, डिजिटल और जवाबदेह बनाया जाए ताकि व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

GST पंजीयन और रिफंड में देरी खत्म करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जीएसटी पंजीयन, रिटर्न दाखिल करने, अपील निस्तारण और रिफंड जैसी प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी समाप्त की जाए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखा जाए और छोटे कारोबारियों को जागरूक करने के लिए जिला और खंड स्तर तक सहायता कार्यक्रम चलाए जाएं।

उन्होंने तकनीक और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे कर चोरी पर रोक लगेगी और वैध व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

यूपी बना सबसे ज्यादा GST करदाताओं वाला राज्य

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश अब 21.82 लाख सक्रिय करदाताओं के साथ देश का सबसे बड़ा GST करदाता राज्य बन गया है।

प्रदेश में GST पंजीयन आवेदन निस्तारण की औसत अवधि केवल 8 दिन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 14 दिन है। इसके अलावा रिटर्न दाखिले के मामले में भी यूपी राष्ट्रीय औसत से आगे है। प्रदेश में औसतन 93 प्रतिशत करदाता समय पर रिटर्न दाखिल कर रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत 91 प्रतिशत है।

2025-26 में ₹1.15 लाख करोड़ से अधिक राजस्व

अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश को GST और VAT से कुल ₹1,15,977 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जो संशोधित अनुमान का लगभग 98.8 प्रतिशत है।

GST संग्रह के मामले में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा। महाराष्ट्र पहले और कर्नाटक तीसरे स्थान पर रहे।

इसके अलावा GST बकाया के रूप में ₹2658 करोड़ की वसूली हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 228 प्रतिशत अधिक है। वहीं VAT बकाया से ₹800 करोड़ की वसूली हुई, जो पिछले साल से 29 प्रतिशत ज्यादा रही।

कर चोरी और फर्जी फर्मों पर सख्ती

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फर्जी फर्मों और कर चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि बोगस फर्मों के खिलाफ 477 एफआईआर दर्ज की गईं और 168 लोगों की गिरफ्तारी हुई।

7 नवंबर 2025 को इस मामले में एसआईटी का गठन किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि ₹180 करोड़ की इनपुट टैक्स क्रेडिट ब्लॉक की गई और कार्रवाई के दौरान ₹2250 करोड़ की मांग तैयार हुई।

प्रवर्तन इकाइयों से ₹2071 करोड़ की वसूली

प्रवर्तन इकाइयों के जरिए प्रदेश में ₹2071 करोड़ की वसूली की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक रही।

मुख्यमंत्री ने कम प्रदर्शन वाले जोनों को विशेष कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि वे फील्ड में उतरकर व्यापारियों से सीधे संवाद करें।

2026-27 के लिए बड़ा राजस्व लक्ष्य

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य कर विभाग को ₹1,98,071 करोड़ का लक्ष्य दिया गया है। इसमें GST का लक्ष्य ₹1,49,956 करोड़ और VAT का लक्ष्य ₹48,115 करोड़ रखा गया है।

अप्रैल 2026 में प्रदेश ने ₹10,896 करोड़ का राजस्व संग्रह किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 9.6 प्रतिशत अधिक है।

कई जोनों में शानदार प्रदर्शन

जोनवार समीक्षा में बताया गया कि अप्रैल 2026 में कई क्षेत्रों में बेहतर वृद्धि दर्ज की गई।

  • गौतमबुद्ध नगर जोन ने ₹1506 करोड़ के संग्रह के साथ 18 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की।
  • सहारनपुर जोन में 35.1 प्रतिशत वृद्धि हुई।
  • वाराणसी प्रथम जोन में 33.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
  • मुरादाबाद जोन में भी अच्छी प्रगति देखने को मिली।

GST अपीलों का समयबद्ध निस्तारण होगा

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 में GST की 52,432 और VAT की 11,365 अपीलों सहित कुल 63,797 मामलों का निस्तारण किया गया।

वर्तमान में GST की 18,504 और VAT की 2,193 अपीलें लंबित हैं। मुख्यमंत्री ने इन सभी मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

रिफंड प्रक्रिया में यूपी राष्ट्रीय औसत से आगे

प्रदेश में GST रिफंड निस्तारण की औसत अवधि 27 दिन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 48 दिन है। मुख्यमंत्री ने रिफंड प्रक्रिया को और पारदर्शी तथा तेज बनाने के निर्देश दिए, ताकि व्यापारियों की कार्यशील पूंजी प्रभावित न हो।

AI और डेटा एनालिटिक्स से बढ़ेगी निगरानी

अधिकारियों ने बताया कि तकनीक आधारित कर प्रशासन के तहत 16 पैरामीटर तय कर 1.59 लाख वार्षिक रिटर्न में मिसमैच डेटा की जांच की जा रही है।

वर्ष 2025-26 में 1.33 लाख डीलरों की स्क्रूटनी के दौरान ₹2369 करोड़ की मांग तैयार हुई और ₹345 करोड़ जमा कराए गए। 22 कॉर्पोरेट सर्किलों में वर्चुअल सुनवाई की सुविधा भी शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि AI और डेटा आधारित निगरानी से कर प्रशासन की पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी तथा भ्रष्टाचार पर नियंत्रण लगेगा।

व्यापारियों के साथ संवाद कार्यक्रम होंगे तेज

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में व्यापारी संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें GST पंजीयन, रिटर्न फाइलिंग और GST 2.0 सुधारों पर चर्चा हुई।

व्यापारियों को रिटर्न दाखिल करने का प्रशिक्षण भी दिया गया। जून 2026 से खंड स्तर पर भी संवाद कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी है।

इसके अलावा विभिन्न बिजनेस सेक्टर, व्यापारी संगठनों और अधिवक्ता संघों के साथ भी संवाद बढ़ाया गया है। सर्राफा कारोबारियों के साथ भी राज्य और जिला स्तर पर विशेष बैठकें आयोजित की गई हैं।