UP News: प्रयागराज के कीडगंज इलाके के पास रहने वाली मलिन बस्तियों की स्थितियों का हाल जानने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता अंकित तिवारी ने घर-घर जाकर आर्थिक और शैक्षिक सर्वेक्षण किया। इस सर्वे का उद्देश्य बस्ती में रहने वाले लोगों की आय, शिक्षा, पेयजल, आवास और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों को समझना था।
सर्वेक्षण के प्रमुख बिंदु
- परिवार की आय और रोजगार की स्थिति
- बच्चों की शिक्षा की जानकारी
- पेयजल, आवास और बिजली की उपलब्धता
- बेरोजगारी, वृद्धा पेंशन पात्रता और सरकारी योजनाओं का लाभ
- स्वच्छता और शौचालय की स्थिति

बस्ती के हालात
- यहां रहने वाले लोग लगभग 50 साल से इस क्षेत्र में हैं।
- राशन कार्ड और मतदाता पहचान उपलब्ध होने के बावजूद कई सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा।
- बस्ती में एक भी शौचालय नहीं है, जिससे लोग यमुना किनारे शौच करने को मजबूर हैं।
- बच्चों की शिक्षा में मदद कुछ गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा की जा रही है।
जीविका और सामाजिक समस्याएं
- बस्ती के पारंपरिक व्यवसाय बांस उद्योग पर आधारित हैं।
- मजबूरी में लोग कबाड़ बीनने का काम कर जीविका चलाते हैं।
- नशे की समस्या भी यहां के लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
अंकित तिवारी का यह सर्वे यह दर्शाता है कि मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाओं और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। शिक्षा, स्वच्छता और रोजगार के क्षेत्र में सुधार की तत्काल आवश्यकता है।
