उम्मीदों का ‘दीपक’ अब यहां जलेगा !
पत्रकारिता और दीपक चौरसिया एक दूसरे पर्याय बन चुके हैं। हर वो शख्स जिसकी ख़बर में थोड़ी भी दिलचस्पी है, चाहे वो गांव-देहात का ही क्यों ना हो, दीपक चौरसिया को टीवी पर देखते ही पहचान जाता है।
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