Rajasthan News: ईंधन बचाने के लिए बड़ा फैसला ले सकती है भजनलाल सरकार, राजस्थान में लागू हो सकता है फोर-डे वर्क वीक

राजस्थान
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Rajasthan News: राजस्थान में आने वाले समय में सरकारी कर्मचारियों के काम करने का तरीका बदल सकता है। राज्य की भजनलाल सरकार फोर-डे वर्क वीक यानी सप्ताह में चार दिन काम करने के मॉडल पर विचार कर रही है। इसके साथ ही सीमित वर्क फ्रॉम होम और सरकारी वाहनों में कटौती जैसे कई बड़े फैसलों पर भी मंथन चल रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य ईंधन की बचत करना और सरकारी खर्च को कम करना है।

ईंधन संकट के बीच सरकार की तैयारी

देश में बढ़ते ईंधन संकट और ऊर्जा बचत की जरूरत को देखते हुए राजस्थान सरकार नए प्रशासनिक मॉडल पर काम कर रही है। सूत्रों के मुताबिक वित्त विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग इस योजना को लेकर लगातार बैठकें कर रहे हैं। सरकार यह देख रही है कि किस तरह सरकारी कामकाज को प्रभावित किए बिना ईंधन की बचत की जा सके।

सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि कर्मचारियों को सप्ताह में एक दिन वर्क फ्रॉम होम दिया जाए। इसके अलावा करीब 30 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति देने का प्रस्ताव भी चर्चा में है। माना जा रहा है कि इससे कर्मचारियों की रोजाना यात्रा कम होगी और पेट्रोल-डीजल की खपत में कमी आएगी।

ऑनलाइन सिस्टम से आसान हुआ काम

राजस्थान सरकार का मानना है कि अब अधिकांश सरकारी विभाग ऑनलाइन फाइल सिस्टम पर काम कर रहे हैं। ऐसे में सीमित स्टाफ के साथ भी काम आसानी से चल सकता है। इसी कारण विभागवार कर्मचारियों और सरकारी वाहनों का डेटा जुटाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीक के कारण अब हाइब्रिड मॉडल अपनाना पहले की तुलना में ज्यादा आसान हो गया है।

सरकारी वाहनों में भी हो सकती है कटौती

सरकार सिर्फ कर्मचारियों के आने-जाने पर ही नहीं, बल्कि सरकारी वाहनों के इस्तेमाल को भी कम करना चाहती है। जानकारी के अनुसार सरकारी और टैक्सी अटैच वाहनों में करीब 30 प्रतिशत तक कटौती की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा लंबे काफिलों, अनावश्यक यात्राओं और बड़े सरकारी कार्यक्रमों को सीमित करने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने दिए ईंधन बचाने के निर्देश

मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma पहले ही मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को ईंधन बचाने के प्रभावी उपाय लागू करने के निर्देश दे चुके हैं। किसानों से जुड़ा प्रस्तावित “ग्राम-2026 महाकुंभ” भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। वहीं कृषि विभाग ने अपनी कई बड़ी सेमिनार और कार्यक्रमों को रोक दिया है।

दिख सकता है नया हाइब्रिड मॉडल

सरकार अब सार्वजनिक परिवहन और सामूहिक यात्रा को बढ़ावा देने की योजना भी बना रही है। आम लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें। अगर यह योजना लागू होती है, तो राजस्थान में पहली बार बड़े स्तर पर हाइब्रिड प्रशासनिक मॉडल देखने को मिल सकता है। इससे ईंधन की बचत के साथ सरकारी खर्च में भी कमी आने की संभावना है।