Punjab News: Chandigarh से जारी जानकारी के अनुसार, Punjab सरकार बुजुर्ग नागरिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann के नेतृत्व में “साढ़े बुजुर्ग साढ़ा मान” मुहिम शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य सीनियर नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और सामाजिक सम्मान देना है।
9,000 से अधिक बुजुर्ग हुए रजिस्टर्ड
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री Dr. Baljit Kaur ने बताया कि इस मुहिम के तहत अब तक लगभग 9,000 सीनियर नागरिकों का पंजीकरण किया जा चुका है।
इन बुजुर्गों को जिला स्तर पर लगाए गए स्वास्थ्य कैंपों में सीधा लाभ मिला है। सरकार बुजुर्गों को समाज की अनमोल संपत्ति मानती है और उनकी देखभाल को अपनी जिम्मेदारी समझती है।
स्वास्थ्य जांच की विस्तृत सुविधा
स्वास्थ्य कैंपों में बुजुर्गों को कई तरह की सुविधाएं दी गईं:
- 2,268 लोगों की सामान्य स्वास्थ्य जांच
- 1,241 लोगों की हड्डी (ऑर्थोपेडिक) जांच
- 2,607 लोगों की आंखों की जांच
- 631 लोगों ने योग सत्र में भाग लिया
- 551 लोगों ने होम्योपैथिक इलाज लिया
- 791 लोगों ने आयुर्वेदिक सेवाओं का लाभ उठाया
ये आंकड़े दिखाते हैं कि मुहिम का असर पूरे राज्य में व्यापक रूप से हुआ है।
सहायक उपकरण और अन्य सेवाएं
ए.एल.आई.एम.सी.ओ. योजना के तहत 243 बुजुर्गों का पंजीकरण किया गया, जिनमें से 89 को व्हीलचेयर, चश्मे और सुनने की मशीन जैसे सहायक उपकरण दिए गए।
इसके अलावा:
- 233 बुजुर्गों के बुढ़ापा पेंशन फॉर्म भरे गए
- 306 लोगों को सीनियर सिटीजन कार्ड जारी किए गए
कैंपों में मोतियाबिंद सर्जरी, कानूनी सलाह और सामाजिक अधिकारों की जानकारी भी दी जा रही है।
सभी जिलों में लगाए जा रहे हैं कैंप
अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब सहित कई जिलों में कैंप सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं। फरवरी महीने में राज्य के सभी जिलों में ऐसे कैंप लगाने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक बुजुर्ग इसका लाभ उठा सकें।
7.86 करोड़ रुपये का बजट
राज्य कार्य योजना के तहत इन कैंपों और संबंधित गतिविधियों के लिए 7.86 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।यह कदम दिखाता है कि सरकार बुजुर्गों के स्वास्थ्य और सम्मान के प्रति गंभीर और प्रतिबद्ध है।
बुजुर्ग: समाज की जीवंत विरासत
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि बुजुर्ग समाज की जीवंत विरासत हैं। उनके अनुभव और त्याग से ही नई पीढ़ी को दिशा मिलती है।सरकार का मानना है कि बुजुर्गों की सेवा केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक नैतिक कर्तव्य है।
परिवारों से विशेष अपील
सरकार ने सभी परिवारों से अपील की है कि वे अपने बुजुर्गों को इन स्वास्थ्य कैंपों में लेकर आएं। इससे अधिक से अधिक सीनियर नागरिक सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।
यह मुहिम साबित करती है कि मान सरकार बुजुर्गों की सेहत, सम्मान और अधिकारों के प्रति पूरी तरह समर्पित है।
