Punjab News: पंजाब की सरकार ने धार्मिक ग्रंथों के सम्मान को बनाए रखने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में पंजाब विधानसभा ने ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026’ को सर्वसम्मति से पास कर दिया है। इस नए कानून के तहत अब पवित्र ग्रंथ की बेअदबी करने पर उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है।
सरकार का कहना है कि यह कानून देश के सबसे सख्त कानूनों में से एक होगा, जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह का अपराध करने की हिम्मत नहीं करेगा।
क्या है नए कानून में खास?
नए संशोधन बिल में बेअदबी के मामलों को गंभीर अपराध माना गया है और सख्त सजा का प्रावधान किया गया है।
- कानून का उल्लंघन करने पर 5 साल तक की सजा
- पवित्र ग्रंथ की बेअदबी करने पर 7 से 20 साल की जेल
- धार्मिक सद्भावना भंग करने पर 10 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा
- दोषियों पर 20 लाख रुपये तक जुर्माना
- बेअदबी में मदद करने वालों को भी मुख्य आरोपी के बराबर सजा
- सभी अपराध गैर-जमानती होंगे
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों की जांच तेजी से की जाएगी और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
पिछली सरकारों की कमियों को दूर करने का दावा
मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने कहा कि पहले के कानूनों में कई कमियां थीं, जिसके कारण चार बार बिल आने के बावजूद पास नहीं हो सका। अब नई सरकार ने उन कमियों को दूर करके एक मजबूत कानून बनाया है।

उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले की सरकारों ने गुरु साहिब के नाम पर वोट तो मांगे, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए।
धार्मिक सद्भाव और सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब हमेशा से शांति, भाईचारे और आपसी सम्मान का प्रतीक रहा है। सरकार का उद्देश्य राज्य में धार्मिक सद्भाव बनाए रखना और सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथों का सम्मान सुनिश्चित करना है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने धार्मिक आयोजनों में उपयोग होने वाले विशेष वाहनों पर मोटर व्हीकल टैक्स में छूट देने का फैसला भी लिया है, जिससे धार्मिक संस्थाओं को आर्थिक राहत मिलेगी।
सरकार का संदेश
सरकार का मानना है कि यह कानून एक मजबूत संदेश देगा कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून न केवल अपराधियों को सजा देगा, बल्कि समाज में शांति और भाईचारे को भी मजबूत करेगा।
