Punjab News: Baljit Kaur ने आज Chhatbir Zoo में नाजुक परिस्थितियों में रह रहे बच्चों से भावनात्मक और यादगार मुलाकात की। बच्चों की खिलखिलाहट और उत्साह से चिड़ियाघर का माहौल बेहद खुशहाल हो गया। मंत्री ने बच्चों के साथ समय बिताया, उनसे बातचीत की और उनके मन की बातें ध्यान से सुनीं।
बच्चों के साथ बैठकर किया भोजन, बढ़ा अपनापन
इस दौरान मंत्री ने बच्चों के साथ बैठकर दोपहर का भोजन भी किया। इससे बच्चों में अपनापन और विश्वास की भावना मजबूत हुई और पूरा कार्यक्रम एक पारिवारिक माहौल में बदल गया।
मंत्री ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट मुस्कुराहट’ केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि उन बच्चों के लिए उम्मीद की किरण है, जिन्होंने **COVID-19 महामारी, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण अपने माता-पिता या सहारा खो दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा अपने सपनों से वंचित न रहे।
शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास सहित कई सुविधाएं
मंत्री ने बताया कि योजना के तहत बच्चों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण सुविधाएं भी दी जा रही हैं, जैसे:
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
- स्वास्थ्य सेवाएं
- आयुष्मान भारत के तहत स्वास्थ्य बीमा
- मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग
- कौशल विकास कार्यक्रम
इन सुविधाओं का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और सहयोगी वातावरण प्रदान करना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
23 साल की उम्र पर 10 लाख रुपये, हर साल और हर महीने भी सहायता
सरकार बच्चों के भविष्य को मजबूत आधार देने के लिए विशेष वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रही है।
योजना के तहत:
- 23 वर्ष की आयु पूरी होने पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि दी जाएगी
- स्कूली शिक्षा जारी रखने के लिए हर साल 20,000 रुपये की सहायता
- बालिग होने तक 4,000 रुपये प्रति माह स्पॉन्सरशिप
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य तत्काल मदद के साथ-साथ बच्चों को शिक्षा और आर्थिक मजबूती देकर आत्मनिर्भर बनाना है।
पारदर्शी प्रक्रिया से मिल रहा लाभ, प्रशासन कर रहा लगातार निगरानी
मंत्री ने बताया कि योजना को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा बच्चों की पहचान, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी द्वारा सत्यापन और सीधे लाभ हस्तांतरण तक हर चरण को व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा रहा है। साथ ही नियमित निगरानी से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर बच्चे को पूरा लाभ मिले।
आंकड़े: कोविड और बाढ़ से प्रभावित बच्चों को मिल रहा सहारा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
- COVID-19 के कारण 43 बच्चे अनाथ हुए
- बाढ़ से 4 बच्चे प्रभावित हुए
- इनमें से 42 बच्चों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता और उच्च शिक्षा में सहयोग मिल रहा है
इसके अलावा, बच्चों को संपत्ति की सुरक्षा, कॉलेजों में विशेष सीटें और फीस माफी जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
हर जरूरतमंद बच्चे तक योजना पहुंचाने का लक्ष्य
मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हर अनाथ या असहाय बच्चा ‘प्रोजेक्ट मुस्कुराहट’ के दायरे में आए। सरकार की प्राथमिकता है कि हर बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थिर भविष्य के लिए पूरा समर्थन मिले।
भावुक लहजे में मंत्री ने कहा,
“आज दिया गया सहारा ही कल बच्चों के विश्वास की मजबूत नींव बनता है।”
