Punjab News: मुख्यमंत्री माँवां-धियां सत्कार योजना से महिलाओं को मिला आर्थिक संबल, बेटियों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर खर्च करेंगी राशि

दिल्ली NCR
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Punjab News:पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री माँवां-धियां सत्कार योजना’ राज्य की महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा और सम्मान का नया माध्यम बन रही है। योजना के तहत बड़ी संख्या में महिलाओं के बैंक खातों में पहली किस्त की राशि पहुंच चुकी है, जबकि अन्य पात्र लाभार्थियों के खातों में भी जल्द राशि जमा की जा रही है। महिलाओं का कहना है कि यह आर्थिक सहायता केवल पैसों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने और परिवार की जरूरतें पूरी करने का भरोसा मिला है।

बेटियों की पढ़ाई और परिवार की जरूरतों पर होगा खर्च

इच्छेवाला गांव की घरेलू कामगार सोमा ने बताया कि उनके खाते में 4,500 रुपये आए हैं। उन्होंने कहा कि अब वह अपनी बेटी के कॉलेज के कपड़े, किताबें और अन्य जरूरी सामान खरीद सकेंगी। उनकी बेटी ने भी योजना के तहत पंजीकरण कराया है, जिससे दोनों को हर तीन महीने में कुल 6,000 रुपये की सहायता मिलेगी।

सोमा ने कहा कि यह पैसा उनके परिवार के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि पति बेरोजगार हैं और छह बेटियों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाना आसान नहीं है।

स्वास्थ्य पर खर्च करने का मिला अवसर

कम हीमोग्लोबिन की समस्या से जूझ रहीं सोमा ने बताया कि वह इस राशि से पौष्टिक भोजन, चुकंदर, मेवे और डॉक्टर द्वारा सुझाए गए अन्य खाद्य पदार्थ खरीदेंगी। उन्होंने कहा कि अब पहली बार वह अपने स्वास्थ्य पर बिना किसी आर्थिक चिंता के खर्च कर सकेंगी।

गुरदासपुर की राज ने बताया कि उनके खाते में 3,000 रुपये आए हैं और वह यह राशि अपनी दवाइयों तथा इलाज पर खर्च करेंगी। उन्होंने कहा कि अब दवाइयों के लिए किसी से पैसे मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

बच्चों की खुशियों के लिए बचाएंगी पैसे

गांव अदालतपुर की गगनदीप कौर ने कहा कि उनके खाते में 3,000 रुपये आए हैं। उन्होंने फैसला किया है कि यह पूरी राशि अपने बेटे की जरूरतों और इच्छाओं को पूरा करने में खर्च करेंगी। उनका कहना है कि बच्चे की खुशी ही उनकी सबसे बड़ी खुशी है।

महिलाओं में बढ़ी बचत और आत्मनिर्भरता की भावना

सुनाम की रेणु ने योजना को महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि अब वह अपनी बेटियों की मेहमाननवाजी अपने पैसों से कर सकेंगी।

वहीं सविता ने बताया कि वह मिलने वाली राशि में से हर महीने 1,000 रुपये डाकघर की बचत योजना में जमा करेंगी, जबकि उनकी बेटी अपने हिस्से की राशि अपनी व्यक्तिगत जरूरतों पर खर्च करेगी।

शिक्षा के लिए मददगार बनी योजना

बठिंडा की जसबीर कौर ने बताया कि वह अपनी बेटी के बीए प्रथम वर्ष के प्रवेश पर यह राशि खर्च करेंगी। उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण पत्र अपडेट होने के बाद उन्हें अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है, लेकिन वर्तमान सहायता भी परिवार के लिए काफी महत्वपूर्ण है।

महिलाओं को मिला सम्मान और आर्थिक सुरक्षा

लाभार्थियों का कहना है कि बैंक खाते में सीधे राशि आने से उन्हें आर्थिक सुरक्षा के साथ आत्मसम्मान भी मिला है। नकद सहायता के बजाय सीधे बैंक खाते में पैसा आने से महिलाओं को अपनी जरूरतों के अनुसार राशि खर्च करने की स्वतंत्रता मिली है।

क्या है मुख्यमंत्री माँवां-धियां सत्कार योजना?

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई है। योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे राशि भेजी जा रही है, ताकि वे शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, घरेलू जरूरतों और बचत जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में इसका उपयोग कर सकें। सरकार का मानना है कि यह पहल महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।