Punjab News: चंडीगढ़ में हुए ग्रेनेड धमाके के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पंजाब पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर हरियाणा के रेवाड़ी से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद अब इस मामले में शामिल सभी 7 आरोपी पुलिस हिरासत में हैं।
यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक Gaurav Yadav ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के निर्देशों के अनुसार राज्य को सुरक्षित बनाने के लिए यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
हरियाणा के रेवाड़ी से पकड़े गए मुख्य आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए दोनों मुख्य आरोपियों की पहचान गुरतेज सिंह और अमनप्रीत सिंह के रूप में हुई है। ये दोनों रूपनगर जिले के रतनगढ़ के रहने वाले हैं। बताया गया है कि अमनप्रीत सिंह का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है और उसके खिलाफ चोरी और लूट के कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने बताया कि इन आरोपियों ने चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित **Bharatiya Janata Party (भाजपा) कार्यालय के बाहर हैंड ग्रेनेड फेंका था, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी।
पहले ही 5 आरोपी हो चुके थे गिरफ्तार
इस घटना में शामिल पांच अन्य आरोपियों—बलविंदर लाल उर्फ शमी, जसवीर सिंह उर्फ जस्सी, चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी, रूबल चौहान और मनदीप उर्फ अभिजोत शर्मा—को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। उनके पास से एक हैंड ग्रेनेड और एक पिस्तौल भी बरामद की गई थी।
डीजीपी ने बताया कि इन नई गिरफ्तारियों के बाद अब इस मामले से जुड़े सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।

विदेशी हैंडलरों ने दिया था 2 लाख रुपये का लालच
जांच में सामने आया है कि इस हमले के पीछे विदेशी हैंडलरों का हाथ था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को पुर्तगाल और जर्मनी में बैठे आईएसआई समर्थित लोगों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए 2 लाख रुपये का इनाम देने का लालच दिया था।
पुलिस ने यह भी बताया कि इन विदेशी हैंडलरों ने आरोपियों को सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क किया और हमले की पूरी योजना तैयार करवाई। इसके लिए कई स्तरों पर अलग-अलग लोगों का इस्तेमाल किया गया, ताकि योजना गुप्त रहे।
पहले की गई थी रेकी, फिर फेंका गया ग्रेनेड
प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने 1 अप्रैल को घटना स्थल की पहले रेकी की थी। इसके बाद अमनप्रीत सिंह ने ग्रेनेड फेंका, जबकि गुरतेज सिंह ने पूरे घटनाक्रम की वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड की।
घटना को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के चलते उन्हें हरियाणा के रेवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया गया।
संयुक्त ऑपरेशन से मिली सफलता
इस पूरे ऑपरेशन में पंजाब पुलिस के साथ-साथ चंडीगढ़ पुलिस और हरियाणा पुलिस की विशेष टास्क फोर्स (STF) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डीजीपी गौरव यादव ने सभी एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों को पकड़ने के लिए ऐसी संयुक्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और भविष्य में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।
