Punjab News: पंजाब सरकार द्वारा लागू किए गए ‘जगत जोति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार बिल 2026’ को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लगातार समर्थन देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता अपनी पार्टियां छोड़कर आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल हो गए।
इन सभी नेताओं को मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन ने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई।
बेअदबी मुद्दे पर राजनीति करने का लगाया आरोप
AAP में शामिल हुए नेताओं ने कहा कि पिछली सरकारों ने बेअदबी जैसे संवेदनशील मुद्दे पर केवल राजनीति की और दोषियों को बचाने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार द्वारा लाया गया यह सख्त कानून दिखाता है कि सरकार की गुरु साहिब के प्रति सच्ची श्रद्धा और सम्मान है।
नेताओं के अनुसार, इस कानून से:
- बेअदबी की घटनाओं पर रोक लगेगी
- असामाजिक तत्वों में डर पैदा होगा
- पंजाब में धार्मिक शांति और सौहार्द मजबूत होगा

‘AAP में मिलेगा पूरा सम्मान’ — राजबीर सिंह घुम्मन
मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन ने पार्टी में शामिल हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी में सभी को पूरा मान-सम्मान और जिम्मेदारी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी पंजाब के हित और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
AAP में शामिल होने वाले प्रमुख नेता
पार्टी में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल हैं:
- कीतू ग्रेवाल
- सतपाल सिंह
- कमलदीप सिंह राणा वरका
- समनदीप कौर
- हरदेव सिंह
- चरणजीत कौर
- गुरमेल सिंह
- जसकरन सिंह जथवाल
- वशन सिंह
- सुरजीत सिंह
इनमें कई पूर्व चेयरमैन, ब्लॉक समिति सदस्य, महिला कांग्रेस पदाधिकारी और पूर्व सरपंच शामिल हैं।
पंजाब की राजनीति में बढ़ी हलचल
बेअदबी विरोधी कानून के बाद विपक्षी दलों के नेताओं का AAP में शामिल होना पंजाब की राजनीति में बड़ा संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कानून आम लोगों के साथ-साथ कई नेताओं को भी प्रभावित कर रहा है।
