Punjab के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा जैसलमेर में आयोजित GST काउंसिल की बैठक में शामिल हुए।
Punjab News: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा (Minister Harpal Singh Cheema) जैसलमेर में आयोजित GST काउंसिल की बैठक में शामिल हुए। यहां उन्होंने जेट फ्यूल को GST के दायरे में लाने वाले प्रस्ताव का विरोध किया और इसे विफल करने में सफल हुए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि एयर टरबाइन ईंधन (ATF) को GST के दायरे में न लाया जा सके। मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि बैठक में कई राज्यों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया।
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आपको बता दें कि पंजाब वित्त मंत्री हरपाल चीमा (Minister Harpal Cheema) ने बैठक में इस प्रस्ताव का विरोध किया। साथ ही कहा कि कई राज्यों का मानना है कि यह रिटेल फ्यूल को GST के दायरे में लाने की दिशा में पहला कदम होगा, जिससे राज्यों के टैक्स रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा खत्म हो जाएगा। वर्तमान में, पंजाब पेट्रोल और डीजल पर VAT के रूप में हर साल 5,000 करोड़ रुपये और ATF पर हर साल 105 करोड़ रुपये कमाता है।
वित्त मंत्री हरपाल चीमा (Minister Harpal Cheema) ने कहा कि यह फैसला पहले ही GST प्रणाली के कारण नुकसान झेल रहे राज्यों के लिए नुकसानदायक होगा। उन्होंने बताया कि एयर टरबाइन फ्यूल (Air Turbine Fuel) पर वैट के रूप में पंजाब ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में 113 करोड़ रुपए, वित्तीय वर्ष 2023- 24 में 105 करोड़ रुपए, और चालू वित्तीय वर्ष में नवंबर तक 75 करोड़ रुपए प्राप्त किए हैं।
मंत्री हरपाल चीमा (Minister Harpal Cheema) ने GST प्रणाली लागू होने के कारण राज्य को हुए 20,000 करोड़ रुपए के नुकसान के लिए मुआवजे की भी मांग की है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि पंजाब का पेट्रोल और डीजल पर VAT राजस्व वित्तीय वर्ष 2022-23 में डीजल पर 3600 करोड़ रुपए और पेट्रोल पर 1800 करोड़ रुपए, वित्तीय वर्ष 2023-24 में डीजल पर 4400 करोड़ रुपए और पेट्रोल पर 2,300 करोड़ रुपए, चालू वित्तीय वर्ष में नवंबर तक डीजल पर 3400 करोड़ और पेट्रोल पर 2000 करोड़ रुपए रहा है।
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जानिए प्रस्ताव में क्या था?
बैठक के दौरान GST काउंसिल के सामने रखे गए इस प्रस्ताव में कहा गया कि जब ATF के उत्पादन के लिए अधिकांश इनपुट GST के अनुसार हैं, ईंधन इसके दायरे से बाहर क्यों है। ATF के मूल्य पर वैट लागू होता है, जिसमें केंद्रीय उत्पाद शुल्क का भुगतान शामिल होता है। इसके परिणामस्वरूप टैक्स का कैस्केडिंग होता है। ATF के निर्माता अपने इनपुट पर भुगतान किए गए GST का इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त करने में असमर्थ हैं। ATF की लागत में शामिल हो जाता है, जिससे सिविल एविएशन इंडस्ट्री के लिए इसकी लागत बढ़ जाती है।

