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नेशनल उपभोक्ता हेल्पलाइन से 52 करोड़ की रिफंड राशि वापस

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उपभोक्ता मामलों विभाग की राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन ने देशभर के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। 25 अप्रैल से 31 जनवरी के बीच इस हेल्पलाइन की मदद से लगभग 52 करोड़ रुपये की धनवापसी कराई गई है। यह राशि उन लोगों को वापस दिलाई गई, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में शिकायत दर्ज कराई थी।

सरकार का कहना है कि यह काम एक साल से भी कम समय में किया गया, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इससे लाखों उपभोक्ताओं को बिना कोर्ट जाए राहत मिली है।

बिना अदालत गए सुलझ रहे हैं विवाद

उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने जानकारी दी कि हेल्पलाइन के माध्यम से उपभोक्ता आयोग में औपचारिक केस दर्ज किए बिना ही शिकायतों का समाधान किया जा रहा है। इसे प्री-लिटिगेशन निवारण कहा जाता है।

इससे उपभोक्ताओं का समय और पैसा दोनों बचता है। साथ ही उपभोक्ता आयोगों पर मामलों का बोझ भी कम होता है। लोग घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं और उन्हें जल्दी समाधान मिलता है।

ई-कॉमर्स में सबसे ज्यादा शिकायतें

पिछले नौ महीनों में कुल 79,521 धनवापसी से जुड़ी शिकायतों का समाधान किया गया। इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें ई-कॉमर्स क्षेत्र से आईं। इस क्षेत्र में 47,743 शिकायतें दर्ज हुईं और करीब 36 करोड़ रुपये की धनवापसी कराई गई।

इसके बाद ट्रैवल और पर्यटन क्षेत्र में 4 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम वापस दिलाई गई। यह दिखाता है कि ऑनलाइन खरीदारी और यात्रा सेवाओं में उपभोक्ता जागरूक हो रहे हैं और अपने अधिकारों के लिए आगे आ रहे हैं।

दूर-दराज क्षेत्रों तक पहुंच

राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन की खास बात यह है कि इसकी पहुंच सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों और दूरस्थ इलाकों से भी शिकायतें दर्ज हो रही हैं।

यह मंच देशभर में उपभोक्ताओं के लिए एक मजबूत और सुलभ शिकायत निवारण तंत्र के रूप में काम कर रहा है। लोग फोन, वेबसाइट या अन्य माध्यमों से आसानी से अपनी समस्या दर्ज कर सकते हैं।

सरकार की प्राथमिकता है उपभोक्ता कल्याण

सचिव निधि खरे ने कहा कि सरकार उपभोक्ताओं को जागरूक करने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए लगातार काम कर रही है। बिना अनावश्यक परेशानी के विवादों का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। नेशनल उपभोक्ता हेल्पलाइन आने वाले समय में और मजबूत और प्रभावी बनाई जाएगी।