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MP News: उज्जैन की गेर में सीएम मोहन यादव का ‘योद्धा अवतार’, तलवारबाजी ने खींचा सबका ध्यान

मध्यप्रदेश
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MP News: मध्य प्रदेश के उज्जैन में रंगपंचमी का पर्व इस बार भी बेहद धूमधाम से मनाया गया। बाबा महाकाल की नगरी रंगों और गुलाल से सराबोर नजर आई। इस खास अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पारंपरिक गेर जुलूस में शामिल हुए और जनता के साथ उत्सव का आनंद लिया।

महाकाल मंदिर में पूजा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत

रंगपंचमी के मौके पर मुख्यमंत्री सबसे पहले महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद पारंपरिक ध्वजा और अखाड़ों के शस्त्रों का विधि-विधान से पूजन किया गया। यह परंपरा उज्जैन में लंबे समय से चली आ रही है और गेर उत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

गेर में दिखा शौर्य का प्रदर्शन

पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने तलवार घुमाकर शस्त्र कला का प्रदर्शन भी किया। उनके इस प्रदर्शन से वहां मौजूद लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। गेर के दौरान ढोल-नगाड़ों, गुलाल और रंगों के बीच हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल बन गया।

जनता के साथ खेली रंगों की होली

गेर जुलूस के दौरान मुख्यमंत्री ने जनता के बीच पहुंचकर गुलाल उड़ाया और लोगों को रंगपंचमी की शुभकामनाएं दीं। कई जगहों पर उन्होंने मंच से फूलों की वर्षा भी की और लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल हुए।

ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व

उज्जैन की गेर को मध्य प्रदेश की सबसे प्रसिद्ध रंगपंचमी परंपराओं में से एक माना जाता है। माना जाता है कि यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है और इसे स्थानीय संस्कृति और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। इस आयोजन में अखाड़ों, झांकियों और पारंपरिक वेशभूषा का विशेष आकर्षण रहता है।

पूरे शहर में रहा उत्सव का माहौल

रंगपंचमी के दिन उज्जैन की सड़कों पर ढोल-नगाड़ों की धुन, गुलाल के बादल और रंगों की बारिश देखने को मिली। हजारों लोगों ने गेर जुलूस में भाग लिया और शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर सांस्कृतिक उत्सव का माहौल बना रहा। मुख्यमंत्री की मौजूदगी से कार्यक्रम का उत्साह और भी बढ़ गया।