MP News: Mohan Yadav ने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन समाज में सादगी और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने अपने जीवन में पराक्रम और पुरुषार्थ के साथ धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया, जिसे सभी को अपनाना चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को राजस्थान के कोटा जिले में आयोजित नि:शुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष Om Birla और राजस्थान सरकार में शिक्षा मंत्री Madan Dilawar भी मौजूद रहे और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।
38वां सामूहिक विवाह सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित
यह विवाह सम्मेलन ग्राम रींछी में मुल्की पंचायत यदुवंशी अहिरान एवं यदुवंशी मुल्की अहीर समिति के तत्वाधान में आयोजित किया गया था। यह संस्था का 38वां सामूहिक विवाह सम्मेलन था, जिसमें बड़ी संख्या में जोड़ों का विवाह सादगी और सामाजिक सहयोग के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम से पहले आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आत्मीय स्वागत किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में अनावश्यक खर्च को रोकना और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक राहत देना है।
“मैंने अपने बेटे का विवाह भी सामूहिक सम्मेलन में किया”
अपने संबोधन के दौरान Mohan Yadav ने कहा कि उन्होंने स्वयं अपने बेटे का विवाह भी एक सामूहिक विवाह सम्मेलन में किया है। उन्होंने समाज से अपील की कि शादी-विवाह में दिखावा और फिजूल खर्ची से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बिना कर्ज लिए और सादगी से विवाह समारोह आयोजित किए जा सकते हैं, जिससे परिवार आर्थिक बोझ से बच सकता है और समाज में सकारात्मक संदेश जाता है।
सिंहस्थ महाकुंभ के लिए दिया आमंत्रण
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को उज्जैन में आयोजित होने जा रहे Simhastha Kumbh Mela में आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस भव्य धार्मिक आयोजन की तैयारियों में पूरी तरह जुटी हुई है और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
नदी जोड़ो परियोजना से खुलेगा समृद्धि का मार्ग
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पार्वती-काली सिंध-चंबल नदी परियोजना दोनों राज्यों—राजस्थान और मध्यप्रदेश—के बीच विकास और सहयोग का नया रास्ता खोलेगी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन में आगे बढ़ रही है और इससे क्षेत्र में सिंचाई, जल उपलब्धता और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश को नदियों का मायका कहा जाता है और राज्य हमेशा पड़ोसी राज्यों के साथ सहयोग की भावना से काम करता है।
धार्मिक स्थलों के विकास का संकल्प
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मध्यप्रदेश सरकार भगवान श्री कृष्ण से जुड़े सभी धार्मिक स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित कर रही है। साथ ही, उन्होंने रामगंज मंडी के पास स्थित एक प्राचीन मंदिर के विकास में राज्य सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया।
कोटा में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन ने समाज में सादगी, सहयोग और सामाजिक एकता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री मोहन यादव और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की मौजूदगी ने इस आयोजन को और खास बना दिया। सरकार द्वारा सामूहिक विवाह जैसे आयोजनों को प्रोत्साहन मिलने से जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी और समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
