Jharkhand News: 27 जनवरी 2026 / रांची — झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज शाम दावोस (स्विट्ज़रलैंड) और लंदन (यूनाइटेड किंगडम) की अपनी विदेश यात्रा से झारखंड लौट आए। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण विदेश दौरे से राज्य को वैश्विक मंच पर पहचाना गया और अब वहीं अनुभव राज्य के भविष्य के विकास में उपयोग किए जाएंगे।
वैश्विक मंच पर झारखंड की पहचान बनाई
सोरेन ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF), दावोस में उन्होंने झारखंड की शक्ति, संभावनाएं और समृद्ध विरासत दुनिया के सामने रखी। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब झारखंड को केवल खनिज राज्य नहीं, बल्कि एक समावेशी और सतत विकास वाला राज्य बनाने के लिए काम होगा, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र, पानी-जंगल-जमीन और रोजगार को प्राथमिकता मिलेगी।
एयरपोर्ट पर लौटने के बाद सीएम का बयान
रांची एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि दावोस और लंदन में जो अनुभव और संवाद मिले हैं, उसका इस्तेमाल अब झारखंड के भविष्य के बेहतर निर्माण के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां मौजूद संसाधनों और युवाओं की शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए रणनीति बनाई जाएगी।
लंदन में झारखंडियों ने किया स्वागत
लंदन पहुंचने पर वहां बसे झारखंडी समुदाय, स्कॉलर्स और डायस्पोरा ने पारंपरिक सांस्कृतिक अंदाज़ में मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी कल्पना मुर्मू सोरेन का उत्साहपूर्ण स्वागत किया। सोरेन ने भी कहा कि यह स्वागत झारखंड की वैश्विक पहचान और गर्व को दर्शाता है।
युवाओं और शिक्षा में वैश्विक जुड़ाव
लंदन में मुख्यमंत्री ने झारखंडी छात्रों से मुलाकात की और उन से बातचीत की। उन्होंने युवाओं के उज्जवल भविष्य, शिक्षा और उनके योगदान के महत्व को रेखांकित किया।
