Haryana News: हरियाणा सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं शुरू कर रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिला दिवस के अवसर पर हरियाणा में ‘महिला उद्यमिता मंच’ की शुरुआत की। इस मंच का उद्देश्य महिलाओं को व्यवसाय और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम सिरसा में आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है।
महिला उद्यमिता को मिलेगा नया मंच
मुख्यमंत्री ने बताया कि महिला उद्यमिता मंच महिलाओं को आधुनिक तकनीक और मार्केटिंग के तरीकों से परिचित कराएगा। इससे महिलाएं अपने व्यवसाय को बेहतर तरीके से शुरू और विकसित कर सकेंगी।
सरकार का मानना है कि इस मंच के माध्यम से राज्य में महिलाओं द्वारा शुरू किए जाने वाले स्टार्टअप की संख्या बढ़ेगी और अधिक महिलाएं उद्यमिता के क्षेत्र में कदम रखेंगी।
महिलाओं को आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं के खातों में कई योजनाओं की राशि भी सीधे ट्रांसफर की। दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत लगभग 200.77 करोड़ रुपये की राशि दी गई। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत 1338.61 करोड़ रुपये और हर घर–हर गृहिणी योजना के तहत 20.21 करोड़ रुपये की राशि भी लाभार्थियों को दी गई।
इसके साथ ही महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए स्टार्टअप के लिए 3 करोड़ रुपये का सीड मनी भी वितरित किया गया। 16 महिला उद्यमियों को सहायता चेक देकर सम्मानित किया गया।
महिलाओं को रोजगार देने वाली कंपनियों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने यह भी घोषणा की कि जो उद्योग महिलाओं को अधिक रोजगार देंगे, उन्हें सरकार की ओर से अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। इससे उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सरकार का लक्ष्य है कि महिलाओं की भागीदारी उद्योग और व्यवसाय में बढ़े और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा पर भी ध्यान
सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए भी कई कदम उठा रही है। बजट में 5 करोड़ रुपये का वर्कप्लेस सेफ्टी फंड बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए POSH सेल और विशाखा पोर्टल शुरू करने की योजना भी बनाई गई है।
इन कदमों का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित और बेहतर कार्य वातावरण देना है।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का असर
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि हरियाणा में पिछले कुछ वर्षों में बेटियों के प्रति सोच में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि 2014 में राज्य का लिंगानुपात 871 था, जो अब बढ़कर 923 हो गया है। यह बदलाव ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के कारण संभव हुआ है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम
महिला उद्यमिता मंच की शुरुआत को हरियाणा में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तब समाज और राज्य दोनों का विकास तेजी से होगा।
इस पहल से उम्मीद है कि आने वाले समय में हरियाणा में महिला उद्यमियों की संख्या बढ़ेगी और महिलाएं नए व्यवसाय और स्टार्टअप शुरू करके रोजगार के अवसर भी पैदा करेंगी।
