Haryana News: हरियाणा सरकार ने किसानों की उपज को सुरक्षित रखने और फसल खराब होने से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए हैं कि वर्ष 2026 के दौरान राज्य में 20 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त अनाज भंडारण क्षमता विकसित की जाए। यह निर्णय हरियाणा विजन-2047 के तहत खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की समीक्षा बैठक में लिया गया।
किसानों की मेहनत से पैदा अनाज को मिलेगा बेहतर संरक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की मेहनत से पैदा होने वाला अनाज सुरक्षित रहना चाहिए और कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से राज्य में आधुनिक गोदामों और वेयरहाउसिंग सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
हर साल 4 से 5 प्रतिशत अनाज हो जाता है खराब
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पर्याप्त भंडारण सुविधाओं की कमी के कारण राज्य में हर साल लगभग 4 से 5 प्रतिशत खाद्यान्न खराब हो जाता है। खुले में भंडारण और सीमित वेयरहाउस क्षमता इसके प्रमुख कारण हैं। नई योजना से इस नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
हरियाणा देश की खाद्य सुरक्षा में निभाता है बड़ी भूमिका
अधिकारियों के अनुसार हरियाणा हर साल लगभग 115 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 71 लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन करता है। इसके अलावा राज्य फल, सब्जियां और डेयरी उत्पादों का भी बड़ा उत्पादक है। देश की खाद्य सुरक्षा में हरियाणा का योगदान करीब 25 प्रतिशत माना जाता है।
मौजूदा भंडारण क्षमता जरूरत से काफी कम
वर्तमान में हरियाणा की कुल भंडारण क्षमता करीब 66 लाख मीट्रिक टन है, जबकि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे लगभग 130 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त 20 लाख मीट्रिक टन क्षमता विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
PPP मॉडल पर बनेंगे आधुनिक वेयरहाउस
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत आधुनिक गोदामों और कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं का निर्माण किया जाए। इससे न केवल अनाज बल्कि फल और सब्जियों के संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
सौर ऊर्जा से चलेंगे वेयरहाउस
नायब सिंह सैनी ने वेयरहाउसिंग क्षेत्र में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने गोदामों की छतों पर सोलर पैनल लगाने और उन्हें बिजली ग्रिड से जोड़ने के निर्देश दिए ताकि अतिरिक्त बिजली का उत्पादन भी हो सके।
मंडियों में बढ़ेगा तकनीक का इस्तेमाल
मुख्यमंत्री ने मंडियों और गोदामों में अनाज की ढुलाई और भंडारण प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए कन्वेयर बेल्ट और अन्य मशीनी प्रणालियों के पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने के निर्देश दिए। इससे श्रमिकों पर भार कम होगा और कार्यक्षमता बढ़ेगी।
कृषि क्षेत्र को मिलेगी नई मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित होने से किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी, फसल खराब होने की समस्या कम होगी और राज्य की खाद्य आपूर्ति प्रणाली अधिक मजबूत बनेगी। इससे हरियाणा की कृषि अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
