Airport: दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लाखों लोगों के लिए अच्छी खबर है। आने वाले समय में गाजियाबाद से जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक नमो भारत ट्रेन के जरिए तेज और सुविधाजनक यात्रा संभव हो सकती है। प्रस्तावित गाजियाबाद-जेवर नमो भारत कॉरिडोर अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के चरण में पहुंच गया है।
करीब 72.44 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर गाजियाबाद को नोएडा, ग्रेटर नोएडा, नोएडा वेस्ट, परी चौक और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र से जोड़ते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
गाजियाबाद से नोएडा एयरपोर्ट तक तेज होगी यात्रा
प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर की शुरुआत गाजियाबाद से होगी। इसके बाद यह नोएडा और ग्रेटर नोएडा के महत्वपूर्ण क्षेत्रों से होकर गुजरेगा।
कॉरिडोर के जरिए नोएडा वेस्ट और परी चौक जैसे तेजी से विकसित हो रहे आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को भी बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।
रूट का अंतिम स्टेशन जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। कॉरिडोर के शुरू होने के बाद गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों से एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान और तेज हो जाएगा।
72.44 किलोमीटर लंबा होगा नमो भारत कॉरिडोर
प्रस्तावित गाजियाबाद-जेवर नमो भारत कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 72.44 किलोमीटर होगी।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल के अनुसार परियोजना वर्तमान में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के चरण में है।
DPR में कॉरिडोर के रूट, स्टेशनों, यात्री संख्या, निर्माण लागत और तकनीकी जरूरतों सहित परियोजना के विभिन्न पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।
कॉरिडोर पर बनाए जाएंगे 12 स्टेशन
प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन बनाए जाने की योजना है।
इसके अलावा कॉरिडोर के उत्तरी और दक्षिणी छोर पर दो डिपो बनाए जाएंगे।
इन डिपो का उपयोग नमो भारत ट्रेनों के रखरखाव, संचालन और तकनीकी सुविधाओं के लिए किया जाएगा।
परियोजना के बुनियादी ढांचे की योजना इस तरह तैयार की जा रही है कि भविष्य में बढ़ने वाली यात्री संख्या को आसानी से संभाला जा सके।
नोएडा वेस्ट और परी चौक को मिलेगा बड़ा फायदा
गाजियाबाद-जेवर नमो भारत कॉरिडोर से नोएडा वेस्ट और ग्रेटर नोएडा के परी चौक क्षेत्र को बड़ी कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
इन क्षेत्रों में तेजी से आवासीय और व्यावसायिक विकास हो रहा है और रोजाना बड़ी संख्या में लोग दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के बीच यात्रा करते हैं।
नमो भारत कॉरिडोर शुरू होने के बाद सड़क यातायात पर दबाव कम होने के साथ यात्रियों के समय की भी बचत हो सकती है।
YEIDA सिटी को भी मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
कॉरिडोर यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र से होकर गुजरेगा।
YEIDA क्षेत्र में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ कई औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं।
नमो भारत कनेक्टिविटी मिलने से इस क्षेत्र में निवेश, रोजगार और रियल एस्टेट विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकती है लागत
गाजियाबाद-जेवर नमो भारत कॉरिडोर की अनुमानित लागत करीब 20,640 करोड़ रुपये बताई गई है।
परियोजना को मंजूरी मिलने और निर्माण पूरा होने के बाद यह दिल्ली-एनसीआर का चौथा नमो भारत कॉरिडोर होगा।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य एनसीआर के प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ना है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
नमो भारत कॉरिडोर के शुरू होने से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सार्वजनिक परिवहन की पहुंच मजबूत होगी।
गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए तेज और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।
इसके साथ ही प्रस्तावित कॉरिडोर दिल्ली-एनसीआर में सड़क यातायात का दबाव कम करने और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
