Delhi News: नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में स्कूल बच्चों के लिए एक सुबह का पोषण कार्यक्रम (Morning Nutrition Programme) का शुभारंभ किया है। इस पहल का लक्ष्य बच्चों को स्वस्थ और पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी पढ़ाई, ऊर्जा और सेहत दोनों में सुधार आ सके।
सुबह पोषण कार्यक्रम क्या है?
यह नई योजना ऐसे बच्चों को पौष्टिक भोजन मुहैया कराएगी, जिन्हें सुबह नाश्ता नहीं मिल पाता। इसके तहत स्कूलों में हर सुबह खाना तैयार किया जाएगा और बच्चों को दिया जाएगा, ताकि वे दिन भर पढ़ाई और खेल-कूद में बढ़िया प्रदर्शन कर सकें।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि “स्वस्थ = बुद्धिमान” इसलिए स्कूलों में पेट सही, मन स्वस्थ रखने की यह योजना तैयार की गई है। बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलने से कंसन्ट्रेशन (ध्यान), ऊर्जा और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होगी।
योजना का लाभ कौन लेगा?
इस कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों को सुबह का व्यंजन मिलेगा। खास तौर पर उन बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके घरों में सुबह का पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध नहीं होता।
रीखा गुप्ता ने कहा कि इस योजना से बच्चों के विकास, पढ़ाई और खेल-कूद जैसे कई क्षेत्रों में सुधार होने की उम्मीद है। साथ ही पोषण-सम्बंधी बीमारियों से लड़ने के लिए भी यह मददगार साबित होगा।
कार्यक्रम कैसे काम करेगा?
स्कूल स्तर पर पोषण कार्यक्रम का संचालन इस प्रकार होगा:
- सुबह बच्चों को पौष्टिक नाश्ता दिया जाएगा।
- यह नाश्ता स्वास्थ्य मानकों के अनुसार तैयार होगा।
- उच्च अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन द्वारा मानवशक्ति (स्टाफ) की निगरानी रहेगी।
- समय-समय पर गुणवत्ता जाँच और निरीक्षण भी किया जाएगा।
इस तरह से कार्यक्रम नियमित, सुरक्षित और उपयोगी तरीके से पूरा किया जाएगा।
बच्चों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
इस योजना की शुरुआत के बाद कई अभिभावकों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है। उनका कहना है कि सुबह का पौष्टिक भोजन मिलने से बच्चों का स्वास्थ्य पहले से अच्छा रहेगा, और वे पढ़ाई और खेल में ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
कुछ बच्चों ने भी बताया कि वे स्कूल में ऊर्जा से भरे रहते हैं और पढ़ाई पर ध्यान अधिक दे पाते हैं, जिससे उन्हें आनंद मिलता है।
दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य-शिक्षा सोच
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों एक-दूसरे से जुड़े हैं। जब शरीर स्वस्थ होगा, तभी बच्चा पढ़ाई और खेल-कूद सभी क्षेत्रों में अच्छा कर सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार भविष्य-पीढ़ी की सेहत और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
राजधानी में यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है, जहाँ बच्चों को सुबह-के-भोजन की कमी की वजह से स्वास्थ्य-समस्याएँ सामने आती हैं।
फायदे और आगे की राह
इस कार्यक्रम से बच्चों को पोषण-समर्थन, ऊर्जा वृद्धि, रोग-प्रतिरोधी क्षमता और पढ़ाई में फोकस मिलने की उम्मीद है। भविष्य में इस पहल को और ज्यादा स्कूलों तक फैलाने का लक्ष्य भी रखा गया है।
