Delhi News: दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। यह कार्यक्रम इंद्रप्रस्थ बस डिपो से शुरू हुआ। इस कदम का उद्देश्य शहर में साफ, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।
साफ और आधुनिक ट्रांसपोर्ट की ओर कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा ट्रांसपोर्ट सिस्टम बनाना है जो साफ, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार हो। इलेक्ट्रिक बसों के आने से प्रदूषण कम होगा और लोगों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी। यह पहल दिल्ली को एक ग्रीन सिटी बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
बसों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
नई इलेक्ट्रिक बसें लो-फ्लोर और एयर कंडीशंड हैं, जिससे यात्रियों को आरामदायक सफर मिलेगा। इनमें CCTV कैमरे, पैनिक बटन और रियल टाइम ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं। साथ ही दिव्यांग लोगों के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं, जिससे हर वर्ग के लोगों को सुविधा मिल सके।
दिल्ली का बस बेड़ा हुआ और मजबूत
इन 300 बसों के जुड़ने से दिल्ली का कुल बस बेड़ा 6100 से ज्यादा हो गया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में इस संख्या को और बढ़ाकर करीब 14,000 बसों तक पहुंचाना है। इससे शहर में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लोगों की निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी।
इंटरस्टेट सेवा की भी शुरुआत
इस मौके पर दिल्ली से गाजियाबाद के बीच नई इलेक्ट्रिक बस सेवा भी शुरू की गई। यह सेवा करीब 21 किलोमीटर के रूट को कवर करेगी और कई महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ेगी। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
EV सब्सिडी से लोगों को राहत
सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए 24 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी भी जारी की। यह राशि हजारों लोगों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए दी गई है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी है। इसके साथ ही EV पोर्टल को भी फिर से शुरू किया गया है।
ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम
इस योजना के साथ सरकार ने दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (DTC) के नए ऑफिस की नींव भी रखी है। साथ ही बस डिपो के आधुनिकीकरण और पूरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है।
प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार बहुत अहम माना जा रहा है। ये बसें जीरो-एमिशन हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करके ही प्रदूषण और ट्रैफिक दोनों समस्याओं को कम किया जा सकता है।
