Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया और उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली। इस दौरान महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और स्व-सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ भी प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण, सुरक्षित मातृत्व, पोषण और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की वास्तविक सफलता तभी मानी जाती है जब उसका लाभ सीधे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत श्रीमती मनिता मरकाम और श्रीमती खेमलता कोर्राम को लाभ प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि यह योजना माताओं और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य की मजबूत आधारशिला बन रही है।
महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिला आर्थिक संबल
महतारी वंदन योजना से लाभान्वित संतोषी भोयर और संपत्ति मानिकपुरी ने मुख्यमंत्री को बताया कि योजना के तहत मिलने वाली राशि घरेलू जरूरतों को पूरा करने और छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मददगार साबित हो रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार की आर्थिक व्यवस्था में अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
अन्नप्राशन संस्कार के जरिए बच्चों के स्वस्थ भविष्य की कामना
कार्यक्रम के दौरान अंजू कोर्राम और पद्मनी नेताम के बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया। इस अवसर पर माताओं को बच्चों के पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के शुरुआती वर्षों में सही पोषण उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी होता है।
गोद भराई कार्यक्रम से मातृत्व को सम्मान
गोद भराई कार्यक्रम के तहत मनीता मरकाम और गुड़िया मरकाम को सम्मानित किया गया। गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और सुरक्षित प्रसव से जुड़ी जानकारी भी प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ मां ही स्वस्थ समाज की आधारशिला होती है और मातृत्व की सुरक्षा सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
सुपोषण किट से कुपोषण के खिलाफ अभियान को मजबूती
कार्यक्रम में काव्यांश और रौशनी को सुपोषण किट वितरित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ का लक्ष्य राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि सुपोषण किट के माध्यम से बच्चों और माताओं को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित हो रहा है।
सक्षम योजना और महिला कोष से बढ़ रही आत्मनिर्भरता
मुख्यमंत्री ने सक्षम योजना के अंतर्गत मनई यादव को लाभ प्रदान किया। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बना रही है।
इसी दौरान छत्तीसगढ़ महिला कोष के तहत बड़ेकनेरा की एकता स्व-सहायता समूह को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम हैं।
किशोरियों को मिली हाइजीन किट
कार्यक्रम में प्रिया नेताम, महिमा, नंदनी पटेल, पुष्पा नायक और हीना को हाइजीन किट वितरित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किशोरियों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ किशोरियां ही भविष्य में स्वस्थ परिवार और मजबूत समाज का निर्माण करती हैं।
बच्चों की देखभाल में सक्रिय सहभागिता के लिए सम्मान
कार्यक्रम में कंसोराम नेताम और गांधीराम नेताम को बच्चों की देखभाल और आंगनबाड़ी गतिविधियों में सक्रिय सहयोग के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में माता और पिता दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है।
जनकल्याणकारी योजनाओं से बढ़ रहा लोगों का भरोसा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाओं, बच्चों और परिवारों के उत्थान के लिए संचालित योजनाएं प्रदेश को अधिक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
