Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत संचालित ‘लखपति दीदी’ अभियान में जिले ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्य का 90 प्रतिशत पूरा कर लिया है।
9,095 महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
जिले को वर्ष 2025-26 में 10,124 लखपति दीदी तैयार करने का लक्ष्य मिला था। अब तक 9,095 महिलाएं इस लक्ष्य को प्राप्त कर चुकी हैं। यह उपलब्धि राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति, बिहान मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री का फोकस महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता पर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का लक्ष्य है कि ग्रामीण महिलाएं केवल परिवार तक सीमित न रहें, बल्कि आर्थिक रूप से सशक्त बनकर प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता, कौशल प्रशिक्षण, विपणन सुविधा और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है।
6,010 स्वयं सहायता समूह सक्रिय
जीपीएम जिले में वर्तमान में 6,010 स्वयं सहायता समूह (SHGs) सक्रिय हैं। इन समूहों को औसतन 1.92 लाख रुपये प्रति समूह का ऋण उपलब्ध कराया गया है।
इस वित्तीय सहायता से महिलाएं विभिन्न गतिविधियों से जुड़ रही हैं, जिनमें शामिल हैं—
- कृषि आधारित व्यवसाय
- पशुपालन
- खाद्य प्रसंस्करण
- लघु उद्योग
- हस्तशिल्प
- सेवा क्षेत्र के उद्यम
आय बढ़ाने के साथ उद्यमिता को भी मिला बढ़ावा
बिहान मिशन और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से महिलाओं को केवल ऋण ही नहीं, बल्कि—
- उद्यमिता विकास प्रशिक्षण
- कौशल विकास
- बैंकिंग सेवाओं से जुड़ाव
- बाजार उपलब्ध कराने
जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं सफल उद्यमी बनकर अपनी अलग पहचान स्थापित कर रही हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती
‘लखपति दीदी’ अभियान ने महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित की है। इससे न केवल परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है।
जीपीएम जिले की यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर उभरी है।
