Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में आर्थिक रूप से कमजोर बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना (MBBS) की शुरुआत की है।
इस योजना का उद्देश्य कोरोना महामारी और आर्थिक संकट के कारण बिजली बिल जमा नहीं कर पाए उपभोक्ताओं को राहत देना है। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से प्रदेश के 29 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को लगभग 758 करोड़ रुपये की सीधी छूट मिलेगी।
किन उपभोक्ताओं को मिलेगा योजना का लाभ
यह योजना विशेष रूप से निम्न वर्ग के बिजली उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर शुरू की गई है।
इसमें शामिल हैं:
- निम्नदाब घरेलू उपभोक्ता
- बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार
- कृषि उपभोक्ता
इन उपभोक्ताओं को मूल राशि और सरचार्ज (अधिभार) दोनों में छूट दी जाएगी।
कोरोना के कारण बढ़े बिजली बिल से मिलेगी राहत
कोरोना महामारी के दौरान कई महीनों तक मीटर रीडिंग नहीं हो पाई थी। इसके कारण उपभोक्ताओं को एक साथ कई महीनों के बिजली बिल मिल गए थे।
आर्थिक तंगी के कारण बड़ी संख्या में लोग इन बिलों का भुगतान नहीं कर पाए। इसी समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की है।
30 जून 2026 तक मिलेगा योजना का लाभ
सरकार के अनुसार यह योजना 30 जून 2026 तक लागू रहेगी।
योजना में शामिल होने के लिए उपभोक्ता:
- मोर बिजली ऐप के माध्यम से
- बिजली वितरण केंद्रों में जाकर
- संबंधित बिजली कार्यालयों में पंजीयन कर सकते हैं।
गांव-गांव लगाए जाएंगे शिविर
राज्य सरकार इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए गांव-गांव में शिविर आयोजित करेगी।
पंजीयन और भुगतान के बाद पात्र उपभोक्ताओं को एम-ऊर्जा योजना का लाभ भी मिलने लगेगा।
लाखों परिवारों को मिलेगी आर्थिक राहत
सरकार का मानना है कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से न केवल लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि लोगों को नियमित रूप से बिजली बिल भुगतान के लिए भी प्रोत्साहन मिलेगा।
