Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए महत्वपूर्ण बजटीय निर्णय लिए गए हैं। राज्य के वित्त मंत्री O. P. Choudhary के विभागों के लिए 11 हजार 470 करोड़ 62 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं।
यह बजट वित्त, आवास एवं पर्यावरण, योजना-आर्थिक एवं सांख्यिकी तथा वाणिज्यिक कर विभाग के लिए स्वीकृत किया गया है। सरकार का लक्ष्य वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और तकनीकी सुधारों के माध्यम से राज्य के आर्थिक ढांचे को मजबूत बनाना है।
किन विभागों को मिला कितना बजट
विधानसभा में पारित अनुदान के अनुसार वित्त विभाग के लिए सबसे अधिक बजट का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा आवास, पर्यावरण और अन्य विभागों के लिए भी महत्वपूर्ण राशि निर्धारित की गई है।
इस बजट के माध्यम से राज्य सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं को गति देना और प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना है।
आवास और नवा रायपुर के विकास पर विशेष ध्यान
बजट चर्चा के दौरान मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार नागरिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा प्रदेश के कई जिलों में नई आवासीय परियोजनाएं शुरू की गई हैं। पिछले दो वर्षों में 33 में से 27 जिलों में 78 नए प्रोजेक्ट लॉन्च किए गए हैं, जिनकी कुल लागत लगभग 3069 करोड़ रुपये है।
इसके तहत लगभग 16,782 नई संपत्तियों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही नवा रायपुर को देश के प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कई प्रयास किए जा रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण के लिए नई पहल
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी राज्य सरकार ने कई तकनीकी सुधार किए हैं।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण की निगरानी के लिए CG Nigrani पोर्टल विकसित किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से उद्योगों के उत्सर्जन और प्रदूषण स्तर की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।
इसके अलावा फ्लाई ऐश और अन्य औद्योगिक कचरे के परिवहन की निगरानी के लिए GPS और जियो-टैगिंग आधारित सिस्टम भी लागू किया गया है।
GST 2.0 से आम जनता को राहत
वाणिज्यिक कर विभाग पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि GST 2.0 लागू करने के बाद राज्य में कर व्यवस्था को अधिक सरल बनाया गया है।
इस सुधार के बाद कई वस्तुओं पर टैक्स कम किया गया है, जिससे आम लोगों को राहत मिली है। उदाहरण के तौर पर कपड़ों पर GST को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है, जबकि सीमेंट पर टैक्स 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।
इन बदलावों के कारण घर बनाने की लागत में भी कमी आएगी और मध्यम वर्ग को आर्थिक राहत मिलेगी।
रजिस्ट्री प्रक्रिया में बड़े सुधार
पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग में भी कई सुधार किए गए हैं। पहले लोगों को रजिस्ट्री के लिए कई कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है।
सरकार ने स्मार्ट रजिस्ट्री ऑफिस शुरू करने की योजना बनाई है, जिसमें आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही पारिवारिक दान पत्र, हकत्याग पत्र और बंटवारा नामे के लिए पंजीयन शुल्क घटाकर मात्र 500 रुपये कर दिया गया है।
वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने की योजना
राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुए सरकार ने छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड का गठन किया है। इसके अलावा पेंशन दायित्वों के बेहतर प्रबंधन के लिए पेंशन फंड की स्थापना भी की गई है।
इन कदमों का उद्देश्य राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाना और भविष्य के आर्थिक जोखिमों से निपटना है।
