Bihar News: राजस्थान के भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में केमिकल फैक्टरी में भीषण आग लगने से कम से कम 7-8 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। यह हादसा सोमवार सुबह के समय हुआ जब फैक्टरी में काम कर रहे श्रमिकों के बीच अचानक आग फैल गई, जो तेज केमिकल्स के कारण तेजी से फैलती चली गई। दमकल और बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और रेस्क्यू का काम किया।
सीएम नीतीश कुमार ने जताया गहरा दुख और संवेदना
बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने इस भीषण आग दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे दुखद हादसे अत्यंत पीड़ादायक हैं और उनके विचार मृतक परिवारों के साथ हैं। इस अवसर पर सीएम ने परिजनों को मुआवजा (एग्ज़ ग्रेशिया) देने की घोषणा भी की है ताकि मृतक मजदूरों के परिजनों को आर्थिक सहायता मिल सके।
सीएम ने पोस्ट किए गए संदेश में कहा कि घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं और राज्य प्रशासन से भी हादसे के बाद की सहायता व्यवस्था को मजबूत करने का निर्देश दिया है।
अन्य नेताओं ने भी जताया शोक
केवल बिहार के सीएम ही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन सहित कई केंद्रीय नेताओं ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी इस हादसे को अत्यंत दुखद बताया और अधिकारियों को पीड़ितों की सहायता तथा राहत कार्यों का निर्देश दिया है।
हादसे के बाद की स्थिति
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गई और दमकल टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। रेस्क्यू ऑपरेशन में कई घायल मजदूरों को अस्पताल ले जाया गया और उनके इलाज की व्यवस्था की गई। प्रशासन ने सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने के आदेश भी दिए हैं ताकि भविष्य में इसी तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
निष्कर्ष
राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्टरी में आग लगने की यह घटना न केवल श्रमिक परिवारों के लिए एक बड़ी त्रासदी है, बल्कि यह औद्योगिक सुरक्षा और सुरक्षा उपायों पर दोबारा गंभीरता से ध्यान देने की भी मांग करती है।
सीएम नीतीश कुमार, प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं के दुख व्यक्त करने तथा मुआवजा देने की घोषणाएं पीड़ित परिवारों को थोड़ी सांत्वना देंगी, लेकिन मजदूरों की सुरक्षा और औद्योगिक हादसों को रोकने के लिए और ठोस कदम उठाना जरूरी है।
