Bihar News: पटना, 17 जुलाई। बिहार सरकार ने मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए नई पहल शुरू की है। ‘उन्नत शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य’ योजना के तहत अब छात्र-छात्राएं घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। इसकी शुरुआत पटना के 10 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालयों) में लाइव क्लास के साथ की गई है।
लाइव क्लास के जरिए मिलेगी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
शिक्षा विभाग के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य उन विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराना है जो आर्थिक या भौगोलिक कारणों से महंगे कोचिंग संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते। छात्र मॉडल स्कूलों में जाकर लाइव क्लास में शामिल हो सकते हैं, वहीं ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे भी पढ़ाई कर सकेंगे।
544 विद्यालयों को बनाया जाएगा आदर्श विद्यालय
राज्य सरकार ने सात निश्चय-3 (2025-30) के तहत पूरे बिहार में 544 विद्यालयों को सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इनमें सभी जिला स्कूल और प्रत्येक प्रखंड का एक उच्च माध्यमिक विद्यालय शामिल है। इसके अलावा पहले से संचालित 155 राजकीय एवं राजकीयकृत विद्यालयों को भी इस योजना के तहत उन्नत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने किया लाइव क्लास का शुभारंभ
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना के 10 मॉडल स्कूलों में लाइव क्लास का शुभारंभ किया। इसके साथ ही JEE और NEET की तैयारी के लिए नियमित कक्षाएं शुरू हो गई हैं। सरकार का लक्ष्य शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी अपने घर के पास बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा उपलब्ध कराना है।
इन 10 मॉडल स्कूलों में शुरू हुई सुविधा
पटना के जिन विद्यालयों में फिलहाल लाइव क्लास शुरू की गई है, उनमें मिलर हाई स्कूल, डीवीआरके जलान उच्च माध्यमिक विद्यालय (पटना सिटी), जनकधारी उच्च माध्यमिक विद्यालय (दानापुर), केबी सहाय उच्च माध्यमिक विद्यालय, महंथ हनुमान शरण उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजकीय ब्वायज हाई स्कूल (राजेंद्र नगर), शहीद राजेंद्र प्रसाद सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (गर्दनीबाग), श्री रघुनाथ प्रसाद गर्ल्स हाई स्कूल (कंकड़बाग), राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (पटना सिटी) और राजकीय गर्ल्स उच्च माध्यमिक विद्यालय (शास्त्रीनगर) शामिल हैं।
पूरे बिहार में होगा विस्तार
शिक्षा विभाग ने बताया कि आने वाले समय में इस व्यवस्था का विस्तार पटना के साथ-साथ राज्य के सभी चयनित मॉडल स्कूलों तक किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने जिले या प्रखंड स्तर पर ही उपलब्ध हो सके।
