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Bihar News: 1 अप्रैल से पूरे बिहार में चलेगा अतिक्रमण हटाओ अभियान, सीमा क्षेत्रों पर विशेष फोकस

बिहार
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Bihar News: राज्य सरकार ने प्रदेशभर में अतिक्रमण के खिलाफ व्यापक और संगठित कार्रवाई का निर्णय लिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए 1 अप्रैल 2026 से विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू करने का आदेश दिया है।
इस अभियान का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त बनाना, यातायात व्यवस्था को सुचारु करना और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना है।

शहरी विकास और सुव्यवस्थित व्यवस्था के लिए जरूरी कदम

उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में शहरी सौंदर्यीकरण और सुव्यवस्थित विकास के लिए अतिक्रमण हटाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार केवल अतिक्रमण हटाने पर ही ध्यान नहीं दे रही, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण के साथ विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि गरीब और असहाय लोगों की आजीविका प्रभावित न हो।

सरकार ने निर्देश दिया है कि जिन लोगों का रोजगार अतिक्रमण से जुड़ा है, उनके लिए वैकल्पिक रोजगार या पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।

सीमा क्षेत्रों में अतिक्रमण पर सरकार की विशेष नजर

राज्य सरकार ने भारत-नेपाल सीमा से सटे सात जिलों के नो मैन्स लैंड में बढ़ते अतिक्रमण पर गंभीर चिंता जताई है। इन क्षेत्रों के अंतरराष्ट्रीय महत्व को देखते हुए Survey of India द्वारा सीमांकन के लिए संयुक्त सर्वेक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
सरकार ने इन सीमा क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत बनी रहे।

पुनर्वास के बिना नहीं हटेगा गरीबों का अतिक्रमण

राज्य सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए यह स्पष्ट किया है कि गरीब और असहाय लोग अक्सर जीविकोपार्जन के लिए सार्वजनिक स्थानों का उपयोग करते हैं।
इसलिए बिना वैकल्पिक व्यवस्था या वेंडिंग जोन बनाए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित और सम्मानजनक विकल्प प्रदान करना है।

अधिकारियों की भूमिका और कानूनी प्रक्रिया पर विशेष निर्देश

प्रधान सचिव ने निर्देश दिया है कि बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम, 1956 की धारा 6(1) के तहत विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में अंचल अधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अनुमंडल पदाधिकारी सक्रिय भूमिका निभाएंगे, जबकि जिलाधिकारी अपीलीय प्राधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।

शहरी सौंदर्यीकरण और मॉनिटरिंग पर सरकार का जोर

अतिक्रमण हटाओ अभियान को शहरी सौंदर्यीकरण और विकास से जोड़ते हुए सरकार ने इसके लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन भी उपलब्ध कराए हैं।
सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अतिक्रमण से संबंधित मामलों की सूची तैयार करें और हर मामले में नोटिस, कार्रवाई और वर्तमान स्थिति का पूरा रिकॉर्ड रखें।

इस अभियान से उम्मीद की जा रही है कि राज्य के शहर और कस्बे अधिक सुव्यवस्थित और स्वच्छ बनेंगे, जिससे आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।