Bihar News: बिहार बजट सत्र में सियासी घमासान, नीतीश कुमार का माइक म्यूट और बयान बना मुद्दा

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Bihar News: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़ी दो अलग-अलग घटनाएं चर्चा में आ गईं। एक तरफ सदन में भाषण के दौरान मुख्यमंत्री का माइक बंद कर दिया गया, वहीं दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को लेकर दिए गए एक बयान ने राजनीतिक विवाद को और हवा दे दी। इन दोनों घटनाओं ने बजट सत्र की कार्यवाही को प्रभावित किया और सदन में तीखी बहस देखने को मिली।

मुख्यमंत्री का माइक म्यूट होने पर उठा सवाल

बजट सत्र के दौरान जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी बात सदन में रख रहे थे, उसी दौरान अचानक उनका माइक्रोफोन बंद हो गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई। विपक्ष का कहना है कि यह सिर्फ तकनीकी समस्या नहीं थी, बल्कि मुख्यमंत्री की बात को बीच में रोकने की कोशिश की गई।

विपक्षी नेताओं ने इसे सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया। उनका कहना है कि विधानसभा जैसे मंच पर इस तरह की घटनाएं गंभीर सवाल खड़े करती हैं। वहीं सत्तापक्ष की ओर से सफाई दी गई कि माइक बंद होना एक तकनीकी समस्या थी और इसमें किसी तरह की मंशा नहीं थी।

राबड़ी देवी को लेकर दिए गए बयान से विवाद

इसी बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को संबोधित करते हुए “ये जो लड़की है” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया। इस बयान को लेकर राष्ट्रीय जनता दल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। राजद नेताओं ने कहा कि यह बयान न सिर्फ एक वरिष्ठ महिला नेता के सम्मान के खिलाफ है, बल्कि महिलाओं के प्रति असंवेदनशील सोच को भी दर्शाता है।

रोहिणी आचार्य और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस बयान की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की। विपक्ष का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में बैठे व्यक्ति को भाषा की मर्यादा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

विपक्ष का आक्रामक रुख

इन दोनों घटनाओं को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला। विपक्षी दलों का कहना है कि एक तरफ मुख्यमंत्री का माइक बंद होना और दूसरी तरफ इस तरह के बयान यह दिखाते हैं कि सरकार सदन में जवाब देने से बच रही है।

विपक्ष ने इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने और राजनीतिक मर्यादा तोड़ने का मामला बताया। सदन में शोर-शराबा हुआ और कार्यवाही कई बार बाधित भी हुई।

सत्तापक्ष की सफाई

सत्तापक्ष ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि माइक म्यूट होने की घटना पूरी तरह तकनीकी थी और इसे जानबूझकर विवाद का रूप दिया जा रहा है। वहीं बयान को लेकर कहा गया कि मुख्यमंत्री के शब्दों को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है।

सत्तापक्ष का कहना है कि बजट सत्र के महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष ऐसे विवाद खड़े कर रहा है।

बजट सत्र में पहले से ही तनावपूर्ण माहौल

बिहार का बजट सत्र पहले से ही कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और प्रशासनिक फैसलों को लेकर चर्चा में रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री से जुड़े इन विवादों ने सत्र के माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है और इसका असर बजट सत्र की आगे की कार्यवाही पर भी पड़ सकता है।