‘Family rule’ behind the murder of saints! Big blast on Jyotirmayanand

Bhopal: संतों की हत्या के पीछे ‘परिवार राज’! स्वामी वैराग्यनंद महाराज के निशाने पर ज्योतिर्मयानंद!

दिल्ली NCR नोएडा
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Bhopal: संतों को रहस्यमयी तरीके से गायब करवाने और संपत्ति हड़पने के आरोप में घिरे ज्योतिर्मयानंद!

महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरी महाराज ने उठाई ट्रस्ट रद्द करने की मांग, सरकार ने शुरू की जांच

Bhopal: संत समाज में भूचाल ला देने वाला बड़ा आरोप सामने आया है। पंचायती अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरी महाराज ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है कि खुद को योग पुरुष का नाती चेले बताने वाला ज्योतिर्मयानंद उर्फ मंगल पांडे न केवल संतों को गायब करवा दे रहा है बल्कि आश्रमों और धार्मिक संपत्तियों पर कब्जे की साजिश भी रच रहा है।

ज्योतिर्मयानंद

कुछ दिन पहले भोपाल में हुई पत्रकार वार्ता में स्वामी वैराग्यानंद ने इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की थी। सीबीआई जांच तो शुरू नहीं हुई, लेकिन सरकार ने इस मामले में जांच प्रारंभ कर दी है।

स्वामी वैराग्यानंद गिरी महाराज ने आज फिर चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ज्योतिर्मयानंद संपत्ति हड़पने के लिए अपने पूरे परिवार को आश्रमों में बैठा रहा है। व्यवस्थापकों को हटाकर फर्जीवाड़ा कर रहा है। योग पुरुष परमानंद गिरी महाराज और अखंडानंद महाराज का नाम सिर्फ ढाल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उज्जैन के चारधाम मंदिर की बुनियाद महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद जी पीठाधीश्वर ने डाली। दिन-रात मेहनत कर इसे खड़ा किया, लेकिन बाद में ज्योतिर्मयानंद ने यह आश्रम भी हड़प लिया। स्वामी वैराग्यानंद गिरी महाराज ने आरोप लगाया कि ज्योतिर्मयानंद ने अपने चाचा, भतीजे, मामा, ताऊ, फूफा तक को वहां बैठा दिया है। चारधाम के मौजूदा पीठाधीश्वर एवं महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद  को भी सिर्फ मुखौटा बनाकर रखा गया है। असली ताकत उसके हाथों में होने की जगह किसी और के हाथों में है।

हत्या की साजिश का जताया अंदेशा

महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरी महाराज ने कहा कि जैसे पहले संतों के साथ अनहोनी की घटनाएं हुई हैं वैसे ही उन्हें आशंका है कि चारधाम मंदिर वाले महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद के साथ भी गलत हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्योतिर्मयानंद डाकू प्रवृत्ति का है। संत परंपराओं में परिवारवाद की कोई जगह नहीं, लेकिन यह अखाड़ों को भी परिवारवादी संगठन में बदल रहा है। अच्छे संतों को हटा रहा है।

सरकार से कड़ा कदम उठाने की मांग :

महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरी महाराज ने सरकार से मांग की है कि फर्जी तरीके से बनाए गए मौजूदा ट्रस्ट को तत्काल रद्द किया जाए और एक नया, पारदर्शी ट्रस्ट गठित किया जाए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो यह ट्रस्ट सरकार के अधीन भी बनाया जा सकता है, लेकिन चारधाम मंदिर की गरिमा हर हाल में बचनी चाहिए। महामंडलेश्वर वैराग्यानंद ने जोर देकर कहा कि मेरे पास दादा गुरु अखंडानंद महाराज के ट्रस्ट से जुड़े कागजात हैं। सच्चाई सामने लानी होगी, वरना यह व्यक्ति और कुकृत्य करेगा। उन्होंने 13 अखाड़ों के अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज और जूना अखाड़े के सचिव हरिगिरी महाराज से भी अपील की कि ऐसे लोगों को संत समाज से बाहर का रास्ता दिखाया जाए।

Disclaimer: ख़बरी मीडिया को भेजे गए पत्र पर आधारित, संस्थान ख़बर की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।