Jharkhand News: रांची, 20 जुलाई। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी (JSDMS) में कथित वित्तीय अनियमितताओं की न्यायिक जांच कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि फर्जी बैंक गारंटी के मामले में ब्लैकलिस्ट की गई कंपनियों को कथित तौर पर नियमों के विपरीत राहत देकर करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया।
क्या हैं आरोप?
मरांडी ने अपने पत्र में दावा किया है कि छह कंपनियों को वर्ष 2024 में कथित रूप से फर्जी बैंक गारंटी प्रस्तुत करने के आरोप में ब्लैकलिस्ट किया गया था। उनका आरोप है कि बाद में इन्हीं कंपनियों को ब्लैकलिस्ट से हटाकर लगभग 55 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया और बाद में फिर से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। उन्होंने पूरे मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मरांडी ने की ये प्रमुख मांगें
पत्र में बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से कई कदम उठाने का आग्रह किया है। इनमें प्रमुख रूप से—
- पूरे मामले की न्यायिक जांच कराना।
- संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करना।
- वर्ष 2023-24 से अब तक JSDMS के वित्तीय और प्रशासनिक निर्णयों का कैग (CAG) या किसी स्वतंत्र एजेंसी से विशेष ऑडिट कराना।
- जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार पदों से हटाना।
- ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को किए गए भुगतान की वैधानिकता की जांच कर दोषी पाए जाने पर राशि की वसूली करना।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन या झारखंड सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले में किसी न्यायिक जांच की घोषणा भी नहीं की गई है।
