Bihar News:बिहार के 1,050 आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे ‘नंद घर’, महिलाओं और बच्चों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

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Bihar News: पटना, 17 जुलाई। बिहार सरकार ने महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 1,050 आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘नंद घर’ के रूप में विकसित करने की पहल की है। इस दिशा में समाज कल्याण विभाग के आईसीडीएस निदेशालय ने वेदांता लिमिटेड और जेरोधा ब्रोकिंग लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। सरकार का कहना है कि इस पहल से आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों और महिलाओं को बेहतर सुविधाएं तथा गुणवत्तापूर्ण पोषण एवं प्रारंभिक देखभाल सेवाएं उपलब्ध होंगी।

वेदांता बनाएगा 1,000 और जेरोधा विकसित करेगा 50 केंद्र

समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने बताया कि वेदांता लिमिटेड राज्य के 1,000 आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘नंद घर’ के रूप में विकसित करेगा, जबकि जेरोधा ब्रोकिंग लिमिटेड दरभंगा जिले के 50 आंगनबाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण करेगा। इन केंद्रों में बच्चों के पोषण, शिक्षा और महिलाओं के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

केयर इकोनॉमी को मिलेगा बढ़ावा

पटना में आयोजित केयर इकोनॉमी कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि भविष्य में देखभाल (केयर) सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में प्रशिक्षित केयर वर्कर्स की आवश्यकता भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि केयर इकोनॉमी को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ना समय की जरूरत है और इसमें सरकारी विभागों के साथ निजी क्षेत्र की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

बच्चों की देखभाल केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं

मंत्री ने कहा कि बच्चों की देखभाल केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पुरुषों और महिलाओं दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सामाजिक सोच में बदलाव लाने और केयर वर्क को सम्मानजनक पहचान दिलाने पर जोर दिया।

महिला सशक्तिकरण और बेहतर सेवाओं पर फोकस

कार्यक्रम में राजस्व परिषद की अध्यक्ष हरजोत कौर बम्हरा ने कहा कि केयर इकोनॉमी में महिलाओं के साथ-साथ बालिकाओं के सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने पुरुषों के लिए चाइल्ड केयर लीव की व्यवस्था पर विचार करने और आंगनबाड़ी सेविकाओं की शैक्षणिक योग्यता बढ़ाने की आवश्यकता भी बताई।

निजी क्षेत्र की भागीदारी से मजबूत होगा आंगनबाड़ी नेटवर्क

समाज कल्याण विभाग के अनुसार यह पहल सार्वजनिक-निजी साझेदारी (PPP) के माध्यम से आंगनबाड़ी सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का उद्देश्य बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और महिलाओं के कल्याण से जुड़ी सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाना है।