MP News: भोपाल, 16 जुलाई। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग धर्मों के लोगों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून नहीं होने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर रामचंद्र एक शादी करता है तो रहीम को भी एक ही शादी करनी चाहिए।”
‘एक देश में अलग-अलग कानून क्यों?’
इंदौर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जब देश एक है तो विवाह, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों में अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग कानून होने का कोई औचित्य नहीं है।
10 लाख से अधिक लोगों से लिए गए सुझाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति ने प्रदेशभर में विभिन्न धर्मों, सामाजिक वर्गों और राजनीतिक दलों के लोगों से संवाद किया। इस दौरान 10 लाख से अधिक नागरिकों के सुझाव प्राप्त किए गए।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी हर बार ऐसे मुद्दों को हिंदू-मुस्लिम नजरिए से देखती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने यूसीसी पर गठित समिति के समक्ष अपना पक्ष नहीं रखा और इस विषय पर स्पष्ट रुख अपनाने से बचती रही।
मानसून सत्र में आ सकता है UCC विधेयक
मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है। इसी दौरान राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
