Chhattisgarh News: रायपुर, 16 जुलाई। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर फैल रही भ्रांतियों के बीच बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर बिजली का बिल नहीं बढ़ाता, बल्कि वास्तविक बिजली खपत के आधार पर सटीक बिल तैयार करता है। विभाग के अनुसार यदि किसी उपभोक्ता का बिल बढ़ा है तो इसका कारण बिजली की अधिक खपत और ऊंचे टैरिफ स्लैब में पहुंचना है, न कि स्मार्ट मीटर।
रीयल टाइम में देख सकेंगे बिजली की खपत
विभाग ने बताया कि स्मार्ट मीटर की मदद से उपभोक्ता ‘मोर बिजली ऐप’ के जरिए हर आधे घंटे की बिजली खपत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि कौन-से विद्युत उपकरण सबसे अधिक बिजली खर्च कर रहे हैं और किन उपायों से खपत कम की जा सकती है।
स्लैब बढ़ने से बढ़ता है बिजली बिल
बिजली विभाग के अनुसार प्रदेश में बिजली दरें निर्धारित स्लैब के आधार पर लागू होती हैं।
- 0–100 यूनिट: ₹4.40 प्रति यूनिट
- 101–200 यूनिट: ₹4.50 प्रति यूनिट
- 201–400 यूनिट: ₹6.00 प्रति यूनिट
- 401–600 यूनिट: ₹7.00 प्रति यूनिट
- 601 यूनिट से अधिक: ₹8.80 प्रति यूनिट
विभाग ने कहा कि जैसे ही बिजली की खपत अगले स्लैब में पहुंचती है, बिल स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। इसका स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली से कोई संबंध नहीं है।
भीषण गर्मी से बढ़ी बिजली की खपत
विभाग ने बताया कि अप्रैल, मई और जून के दौरान भीषण गर्मी के कारण अधिकांश घरों में एसी, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों का अधिक उपयोग हुआ। इसी वजह से बिजली की खपत बढ़ी और कई उपभोक्ताओं के बिल भी अधिक आए।
हाफ बिजली योजना का भी मिलेगा लाभ
स्मार्ट मीटर के जरिए उपभोक्ता अपनी मासिक बिजली खपत पर लगातार नजर रख सकते हैं और उसे 400 यूनिट से नीचे रखने की योजना बना सकते हैं। इससे राज्य सरकार की हाफ बिजली योजना का लाभ मिलता रहता है। यदि खपत 400 यूनिट से अधिक हो जाती है तो योजना का लाभ प्रभावित हो सकता है।
शिकायत के लिए 1912 हेल्पलाइन
बिजली विभाग ने बताया कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी अधिकांश शिकायतों की जांच में मीटर सही पाए गए हैं। यदि किसी उपभोक्ता को मीटर संबंधी कोई समस्या हो तो वह 1912 हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकता है।
विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे ‘मोर बिजली ऐप’ का अधिक से अधिक उपयोग करें, बिजली की खपत पर नियमित निगरानी रखें और ऊर्जा संरक्षण अपनाकर बिजली बिल कम करें। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगाकर बिजली खर्च को और कम या शून्य किया जा सकता है।
