Punjab News:’युद्ध नशे विरुद्ध’ के 500 दिन: पंजाब में 73 हजार से ज्यादा ड्रग तस्कर गिरफ्तार, ₹847 करोड़ की संपत्ति जब्त

पंजाब
Spread the love

Punjab News: चंडीगढ़, 14 जुलाई। पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान ने 500 दिन पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चलाया जा रहा यह अभियान नशे के खिलाफ जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार की ‘प्रोटेक्ट, हील एंड प्रिवेंट’ रणनीति के तहत सख्त कानून प्रवर्तन, नशामुक्ति उपचार और जनजागरूकता के जरिए राज्य को नशामुक्त बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

500 दिनों में 73 हजार से अधिक तस्कर गिरफ्तार

डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि 1 मार्च 2025 से शुरू हुए अभियान के दौरान अब तक 52,432 एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के मामले दर्ज किए गए हैं। इस अवधि में 73,300 से अधिक ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 621 बड़े तस्कर शामिल हैं, जिनके पास दो किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद हुई।

₹847 करोड़ की संपत्ति जब्त

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी। अब तक ₹847 करोड़ मूल्य की ड्रग तस्करों की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं और अवैध कमाई से बनाई गई कई इमारतों को भी ध्वस्त किया गया है। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में इस प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई थी।

लोगों की भागीदारी से मजबूत हुआ अभियान

सरकार द्वारा शुरू की गई ‘सेफ पंजाब हेल्पलाइन’ (97791-00200) पर 500 दिनों में 46,342 शिकायतें और सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिनके आधार पर 22,960 ड्रग तस्करों की गिरफ्तारी हुई। मंत्री ने कहा कि यह जनता के बढ़ते विश्वास और सक्रिय सहयोग का प्रमाण है।

नशामुक्ति और पुनर्वास पर भी विशेष जोर

डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि पंजाब में वर्तमान में:

  • 213 सरकारी एवं निजी नशामुक्ति केंद्र
  • 90 पुनर्वास केंद्र
  • 547 OOAT (Outpatient Opioid Assisted Treatment) क्लीनिक

संचालित किए जा रहे हैं। सभी सरकारी केंद्रों पर इलाज पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। अब तक 10 लाख से अधिक लोग OOAT कार्यक्रम से जुड़े हैं, जबकि अभियान शुरू होने के बाद 38 हजार से अधिक मरीजों का भर्ती कर उपचार किया गया है।

जेलों और गांवों तक पहुंचा अभियान

मंत्री ने बताया कि राज्य की 19 जेलों में OOAT सुविधाएं शुरू की गई हैं, जबकि 10 केंद्रीय जेलों में नशामुक्ति एवं वेलबीइंग क्लीनिक स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा 12 हजार से अधिक ग्राम रक्षा समितियां, जिनमें 1.25 लाख से अधिक सदस्य शामिल हैं, नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और तस्करों की सूचना देने में सहयोग कर रही हैं।

केंद्र सरकार से सीमा सुरक्षा मजबूत करने की मांग

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि पंजाब अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा राज्य होने के कारण पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी की चुनौती का सामना कर रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से सीमा पर निगरानी और ड्रोन रोधी तकनीक को और मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क पर कार्रवाई तेज करने तथा पंजाब के साथ पूर्ण सहयोग करने की अपील की।

“नशे के खिलाफ लड़ाई समाज की साझा जिम्मेदारी”

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नशे की समस्या केवल पुलिस कार्रवाई से समाप्त नहीं होगी। इसके लिए जनभागीदारी, पुनर्वास, जागरूकता और युवाओं को सही दिशा देने की आवश्यकता है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार राज्य को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के अपने संकल्प पर लगातार कार्य करती रहेगी।