Greater Noida West

Greater Noida west: ग्रेटर नोएडा से ग़ाज़ियाबाद तक जाम फ्री, यहाँ बनेगा 3 लेन वाला डबल डेकर एलिवेटेड रोड

ग्रेटर नोएडा- वेस्ट
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Greater Noida west: ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में रोजाना लगने वाले जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए बड़ी सड़क परियोजना तैयार की जा रही है। शाहबेरी में करीब 2.5 किलोमीटर लंबा डबल डेकर एलिवेटेड रोड बनाने की योजना है।

इस दो मंजिला एलिवेटेड रोड पर करीब 900 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रत्येक मंजिल पर तीन लेन बनाई जाएंगी। परियोजना पूरी होने के बाद ग्रेटर नोएडा, नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली की ओर आने-जाने वाले एक लाख से अधिक वाहन चालकों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

अधिकारियों का दावा है कि परियोजना पूरी होने पर यह उत्तर प्रदेश का पहला डबल डेकर एलिवेटेड रोड होगा।

130 मीटर रोड से एनएच-9 तक बनेगा डबल डेकर एलिवेटेड रोड

प्रस्तावित एलिवेटेड रोड ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 130 मीटर चौड़ी सड़क से शुरू होकर शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-9 तक जाएगी।

करीब 2.5 किलोमीटर लंबी इस परियोजना को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, नोएडा प्राधिकरण, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सहयोग से तैयार करने की योजना है।

एनएचएआई के अधिकारियों की ओर से परियोजना से संबंधित प्रेजेंटेशन दिया जा चुका है। अब परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

एक मंजिल से गाजियाबाद जाएंगे वाहन, दूसरी से ग्रेटर नोएडा आएगा ट्रैफिक

परियोजना विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर के मुताबिक डबल डेकर एलिवेटेड रोड को ट्रैफिक की दिशा के अनुसार डिजाइन किया जाएगा।

पहली मंजिल का इस्तेमाल ग्रेटर नोएडा से गाजियाबाद की ओर जाने वाले वाहनों के लिए किया जाएगा। दूसरी मंजिल से गाजियाबाद की ओर से ग्रेटर नोएडा आने वाले वाहन गुजरेंगे।

एलिवेटेड रोड की प्रत्येक मंजिल करीब 9 से 10 मीटर चौड़ी होगी और उस पर तीन लेन का ट्रैफिक चल सकेगा।

इस तरह दोनों मंजिलों को मिलाकर वाहनों के लिए कुल छह लेन की क्षमता उपलब्ध होगी।

स्थानीय लोगों के लिए खुली रहेगी मौजूदा सड़क

डबल डेकर एलिवेटेड रोड बनने के बाद भी नीचे मौजूद सड़क को बंद नहीं किया जाएगा।

मौजूदा सड़क पहले की तरह स्थानीय लोगों और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले वाहनों के लिए खुली रहेगी।

इससे स्थानीय और लंबी दूरी के ट्रैफिक को अलग करने में मदद मिलेगी। एलिवेटेड रोड पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली की ओर जाने वाला ट्रैफिक चल सकेगा, जबकि नीचे की सड़क का इस्तेमाल स्थानीय यातायात के लिए किया जाएगा।

जगह की कमी के कारण बदला गया परियोजना का डिजाइन

इस परियोजना के तहत पहले चार लेन की एलिवेटेड रोड बनाने की योजना थी, लेकिन शाहबेरी क्षेत्र में पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण योजना में बदलाव करना पड़ा।

अधिकारियों के मुताबिक सामान्य एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए करीब 15 मीटर चौड़ी जगह की आवश्यकता होती है, जबकि मौके पर अधिकतम 14 मीटर जगह ही उपलब्ध हो पा रही है।

जगह की इस समस्या को देखते हुए प्राधिकरण और एनएचएआई के अधिकारियों के बीच चर्चा हुई। इसके बाद सलाहकार एजेंसी की मदद से डबल डेकर एलिवेटेड रोड का नया डिजाइन तैयार किया गया।

12 मीटर जगह में मिलेगा छह लेन ट्रैफिक का विकल्प

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के परियोजना विभाग के महाप्रबंधक एके सिंह के मुताबिक डबल डेकर एलिवेटेड रोड के डिजाइन से सीमित जगह का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा।

दोनों मंजिलों पर तीन-तीन लेन बनाई जाएंगी। इस डिजाइन के माध्यम से करीब 12 मीटर जगह के अंदर छह लेन ट्रैफिक की क्षमता उपलब्ध कराई जा सकेगी।

एलिवेटेड रोड के निर्माण में यू-शेप पियर तकनीक का इस्तेमाल किए जाने की योजना है। इससे कम जगह में सड़क संरचना तैयार करने में मदद मिलेगी।

पहले 400 करोड़ था अनुमान, अब 900 करोड़ रुपये हो सकती है लागत

परियोजना के शुरुआती प्रस्ताव में एलिवेटेड रोड के निर्माण पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था।

लेकिन डिजाइन बदलकर डबल डेकर एलिवेटेड रोड बनाए जाने के बाद परियोजना की संभावित लागत बढ़कर करीब 900 करोड़ रुपये हो गई है।

एनएचएआई ने परियोजना से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट तैयार होने और संबंधित एजेंसियों की मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक के जाम से मिलेगी राहत

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 130 मीटर रोड से शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक होते हुए एनएच-9 तक जाने वाले मार्ग पर रोजाना भारी ट्रैफिक दबाव रहता है।

विशेष रूप से सुबह और शाम के व्यस्त समय में यहां लंबा जाम लग जाता है। इससे नौकरीपेशा लोगों, स्थानीय निवासियों और दिल्ली-गाजियाबाद की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी होती है।

मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी ट्रैफिक जाम के कारण प्रभावित होती है।

डबल डेकर एलिवेटेड रोड बनने के बाद इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम होने और वाहनों की आवाजाही तेज होने की उम्मीद है।

रोजाना एक लाख से अधिक वाहन चालकों को होगा फायदा

अधिकारियों के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद रोजाना एक लाख से अधिक वाहन चालकों को सीधा लाभ मिल सकता है।

नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए नया वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।

डबल डेकर एलिवेटेड रोड के निर्माण से शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ यात्रा का समय भी कम होने की उम्मीद है।

परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट और जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद निर्माण कार्य की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।