Noida: नोएडा में भारी बारिश और जलभराव के बीच एक युवा इंजीनियर की मौत ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सेक्टर-58 में ऑफिस जा रहे इंजीनियर आर्यन की नाले में गिरने के बाद मौत हो गई। हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आर्यन को सड़क किनारे फुटपाथ और नाले के ऊपर बनी स्लैब पर चलते हुए देखा जा सकता है।
फुटेज के अनुसार, आर्यन आगे बढ़ते हुए टूटी हुई स्लैब के पास पहुंचता है और अचानक नाले में गिर जाता है। कुछ ही सेकेंड बाद एक व्यक्ति उसे बचाने के लिए आगे आता है, लेकिन उसे भी बिजली का झटका महसूस होने की बात सामने आई है।
हादसे के बाद आर्यन की मौत का कारण करंट लगना था या नाले में गिरने से उसकी जान गई, इसे लेकर अभी जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने के बाद पुलिस ने विसरा सुरक्षित रखा है।
सुबह ऑफिस जा रहा था आर्यन
आर्यन नोएडा के सेक्टर-58 ए ब्लॉक स्थित इन्वर्टर बनाने वाली एक फैक्ट्री में क्वालिटी इंजीनियर के पद पर काम करता था।
वह सेक्टर-22 के चौड़ा गांव में किराये पर रहता था। गुरुवार सुबह करीब 9 बजे वह अपने सहकर्मी शुभम के साथ ड्यूटी के लिए निकला था।
बताया गया है कि आर्यन ऑटो से सेक्टर-58 ए-1 प्लॉट के पास उतरा। इसके बाद वह छाता लेकर पैदल अपनी फैक्ट्री की ओर जाने लगा।
भारी बारिश के कारण सड़क पर काफी पानी जमा था। जलभराव से बचने के लिए आर्यन सड़क किनारे नाले के ऊपर बनी स्लैब पर चलने लगा।
CCTV में कैद हुआ पूरा हादसा
घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद हादसे से जुड़े कई अहम तथ्य दिखाई दिए हैं।
वीडियो में आर्यन सड़क किनारे पैदल चलता नजर आता है। कुछ दूरी तक चलने के बाद उसका पैर उस जगह पड़ता है, जहां नाले की स्लैब टूटी हुई थी या मौजूद नहीं थी।
इसके बाद वह अचानक करीब तीन फीट गहरे नाले में गिर जाता है।
कुछ ही सेकेंड बाद पीछे से आ रहा एक व्यक्ति आर्यन को बचाने के लिए आगे बढ़ता है। रिपोर्टों के अनुसार, उसे भी बिजली का झटका महसूस हुआ, जिसके कारण तत्काल आर्यन को बाहर निकालना मुश्किल हो गया।
बिजली के खंभे के पास हुई थी स्पार्किंग
प्रत्यक्षदर्शियों और आर्यन के सहकर्मियों के अनुसार, हादसे के समय नाले के पास मौजूद बिजली के खंभे में स्पार्किंग हुई थी।
बताया गया कि आर्यन के नाले में गिरने से कुछ समय पहले बिजली के खंभे के आसपास करंट या शॉर्ट सर्किट जैसी स्थिति बनी थी।
इस कारण आशंका जताई जा रही है कि आर्यन को पहले बिजली का झटका लगा और इसके बाद वह नाले में गिर गया।
हालांकि सामने आए सीसीटीवी फुटेज में आर्यन पहले नाले में गिरता दिखाई दे रहा है। ऐसे में पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसकी मौत नाले में गिरने से हुई या नाले और बिजली के खंभे के आसपास फैले करंट की वजह से।
बचाने पहुंचे लोगों को भी महसूस हुआ करंट
आर्यन के नाले में गिरने के बाद उसके सहकर्मी और आसपास मौजूद लोग मदद के लिए आगे आए।
सहकर्मी नीरज के अनुसार, आर्यन को बाहर निकालने की कोशिश करने वाले लोगों को भी बिजली का झटका महसूस हुआ था।
इस कारण कुछ समय तक कोई भी व्यक्ति नाले में उतरकर आर्यन को बाहर नहीं निकाल सका।
बताया गया कि बिजली की सप्लाई बंद होने के बाद आर्यन को बेहोशी की हालत में नाले से बाहर निकाला गया।
सड़क पर भरा था बारिश का पानी
सीसीटीवी फुटेज में हादसे के समय सड़क पर काफी जलभराव दिखाई दे रहा है।
कई लोग सड़क पर भरे पानी के बीच से गुजरते हुए भी नजर आए।
इस वजह से यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर सड़क के पूरे पानी में करंट फैला होता तो वहां से गुजर रहे अन्य लोगों पर भी इसका असर पड़ सकता था।
आशंका है कि करंट नाले या बिजली के खंभे के आसपास सीमित क्षेत्र में फैला हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
बिजली की सप्लाई बंद होने के बाद आर्यन को नाले से बाहर निकाला गया।
आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने के लिए सीपीआर देने की कोशिश की।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। इसके बाद आर्यन को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
तीन महीने से नाले पर स्लैब नहीं होने का आरोप
आर्यन के परिवार ने नोएडा प्राधिकरण और बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
परिजनों का दावा है कि जिस जगह हादसा हुआ, वहां करीब तीन महीने से नाले की स्लैब टूटी हुई थी या मौजूद नहीं थी।
इसके बावजूद संबंधित विभागों ने नाले को ठीक करने या उसे सुरक्षित तरीके से ढकने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
परिवार ने सेक्टर-58 पुलिस थाने में नोएडा प्राधिकरण और बिजली विभाग के खिलाफ शिकायत दी है।
हादसे के बाद नाले पर रखी गईं झाड़ियां
घटना के बाद भी खुले नाले को सुरक्षित तरीके से बंद नहीं किए जाने पर सवाल उठाए गए हैं।
बताया गया है कि हादसे के बाद खुले हिस्से को स्लैब लगाकर बंद करने के बजाय वहां केवल झाड़ियां रख दी गईं।
इससे स्थानीय लोगों और मृतक के परिवार में नाराजगी है।
परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते नाले की टूटी स्लैब को ठीक कर दिया गया होता तो शायद यह हादसा नहीं होता।
मूल रूप से फर्रुखाबाद का रहने वाला था आर्यन
आर्यन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले की कायमगंज तहसील के ऊंचा मोहल्ला गंगा दरवाजा क्षेत्र का रहने वाला था।
वह नोएडा के सेक्टर-22 स्थित चौड़ा गांव में किराये के मकान में रहता था और पिछले करीब ढाई साल से सेक्टर-58 स्थित फैक्ट्री में काम कर रहा था।
आर्यन ने पॉलिटेक्निक की पढ़ाई पूरी की थी और इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांच से बीटेक कर रहा था।
परिवार के अनुसार, उसने हाल ही में बीटेक का अंतिम सेमेस्टर पास किया था।
चार साल पहले हो चुकी थी पिता की मौत
आर्यन के परिवार पर कुछ साल पहले भी दुखों का पहाड़ टूट चुका था।
आर्यन के पिता संजय कुमार कंपाउंडर थे। करीब चार साल पहले कैंसर के कारण उनकी मौत हो गई थी।
पिता की मौत के बाद आर्यन परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के साथ अपनी पढ़ाई और नौकरी कर रहा था।
परिवार के लोग आर्यन की शादी के लिए रिश्ता भी तलाश रहे थे।
लेकिन गुरुवार सुबह हुए इस हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
पोस्टमार्टम में साफ नहीं हुआ मौत का कारण
सेक्टर-58 थाना प्रभारी अमित तोमर के अनुसार, आर्यन के पोस्टमार्टम में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है।
इसके बाद उसका विसरा सुरक्षित रखा गया है।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल की स्थिति, बिजली के खंभे में कथित करंट और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।
परिवार की ओर से दी गई शिकायत की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हादसे ने फिर खड़े किए शहर की व्यवस्था पर सवाल
नोएडा में बारिश के दौरान जलभराव, खुले नाले और बिजली के खंभों के आसपास करंट जैसी घटनाएं लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं।
आर्यन की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर नाले की स्लैब लंबे समय से टूटी हुई थी तो उसे समय रहते ठीक क्यों नहीं किया गया।
इसके साथ ही बिजली के खंभे के आसपास करंट फैलने की आशंका की शिकायत या जांच पहले क्यों नहीं की गई।
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद हादसे की परिस्थितियां कुछ हद तक स्पष्ट हुई हैं, लेकिन आर्यन की मौत की वास्तविक वजह पुलिस और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी।
फिलहाल परिवार ने जिम्मेदार विभागों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
