Punjab News: पंजाब राज्य कर विभाग ने जीएसटी चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 55.35 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग घोटाले के कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस कार्रवाई से 8.35 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के जरिए किए जा रहे गलत आईजीएसटी रिफंड दावों पर रोक लगाई गई है।
जालंधर की फर्म का मालिक गिरफ्तार
राज्य जीएसटी विभाग ने जालंधर स्थित मैसर्स रैमसन्स कॉर्पोरेशन के मालिक भूपिंदर शर्मा को पंजाब जीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 69 के तहत गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि फर्म बिना वास्तविक माल की आपूर्ति किए फर्जी जीएसटी चालान जारी कर रही थी और बड़े पैमाने पर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट तैयार कर रही थी।
फर्जी ITC से लिया जा रहा था IGST रिफंड
जांच के अनुसार, फर्म ने करीब 55.35 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग कर लगभग 8.35 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट तैयार किया। इस आईटीसी को अन्य फर्मों को ट्रांसफर किया गया, जिसके आधार पर कुछ निर्यातकों ने गलत तरीके से आईजीएसटी रिफंड का दावा किया, जिससे सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचने की आशंका थी।
पूरे नेटवर्क की जांच जारी
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों और फर्जी कंपनियों के नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है। अधिकारियों को फर्जी आईटीसी के पूरे प्रवाह और कर चोरी की वास्तविक राशि का पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कर चोरी पर जीरो-टॉलरेंस नीति दोहराई
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार कर चोरी, फर्जी इनवॉयसिंग और बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट जैसे मामलों पर जीरो-टॉलरेंस नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक डेटा विश्लेषण, खुफिया सूचना आधारित जांच और तकनीक की मदद से कर चोरी करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि सरकारी राजस्व की सुरक्षा और ईमानदार करदाताओं के हित सुनिश्चित किए जा सकें।
